लंबित मांगों के समाधान को लेकर रोडवेज कर्मचारियों ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। यूनियन ने आंदोलन का चरणबद्ध कार्यक्रम जारी करते हुए निगम प्रबंधन को मांगें पूरी करने का अल्टीमेटम दिया है।
उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने निगम के अस्तित्व की रक्षा और कर्मचारियों की लंबित समस्याओं के समाधान को लेकर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। यूनियन ने मांगें पूरी नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी है। इस संबंध में जारी पोस्टर के माध्यम से आंदोलन का कार्यक्रम भी घोषित किया गया है।
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यूनियन की प्रमुख मांगों में नियमित होने तक उपनल के समान विशेष श्रेणी, संविदा, एजेंसी, चालक-परिचालक और विशेष श्रेणी तकनीकी कर्मचारियों को 30,447 रुपये प्रतिमाह का भुगतान करना शामिल है। इसके अलावा प्रत्येक माह की सात तारीख से पहले वेतन देने, लंबित देयकों का तत्काल भुगतान करने और हिमाचल रोडवेज की तर्ज पर निगम को राजकीय कोष से वेतन देने की मांग उठाई गई है।
यूनियन ने कुंभ मेले से पहले परिवहन निगम के बेड़े में कम से कम 500 नई बसें शामिल करने की भी मांग की है।यूनियन ने एजेंसी के माध्यम से कार्यरत चालक-परिचालकों और अन्य कर्मचारियों को निगम कर्मचारी घोषित करने, एजेंसी प्रथा समाप्त करने की मांग की है।
इसके साथ ही नियमित कर्मचारियों को राज्य कर्मचारियों की भांति 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने और विशेष श्रेणी व संविदा कर्मचारियों को भी एरियर सहित महंगाई भत्ते का लाभ देने की मांग की गई है। कर्मचारी के धरने प्रदर्शन से कामकाज प्रभावित होने के अलावा बसों का संचालन प्रभावित हो गया है।