रुड़की। दिल्ली में तैनात 1986 बैच के एक आईएएस अधिकारी के नाम पर ठगी के प्रयास का मामला सामने आया है। ठग ने देहरादून डीएम ऑफिस के माध्यम से रुड़की ज्वाइंट मजिस्ट्रेट से पत्नी के लिए 20 हजार की मदद मांगी। बैंक खाते के बजाय तहसीलदार रकम लेकर आईआईटी पहुंचे तो मामला फर्जी निकला। दिल्ली में संयुक्त सचिव रवि कपूर की ओर से देर रात सिविल लाइंस कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
पुलिस के मुताबिक अंजान नंबर से दो दिन पहले देहरादून डीएम ऑफिस में एक कॉल आई। कॉल करने वाले शख्स ने अपना परिचय 1986 बैच के आईएएस अधिकारी रवि कपूर के रूप में दिया। साथ ही अपनी पत्नी को रुड़की आईआईटी में कार्यरत बताते हुए 20 हजार की मदद मांगी। रकम डालने के लिए एकाउंट नंबर भी दिया गया। डीएम ऑफिस से ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मंगेश घिल्डियाल को कॉल आई। आईआईटी नजदीक होने के कारण उन्होंनेे खाते में रकम ट्रांसफर करने के बजाय तहसीलदार को रुपये लेकर भेजा। लेकिन, आईआईटी में ऐसी कोई महिला न मिलने पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को शक हुआ और उन्होंने आईएएस रवि कपूर से सीधे बात की। अपने नाम से ठगी की बात सुनकर वे भी चकरा गए। उन्होंने फौरन मुकदमा दर्ज कराने को कहा। जिसके बाद सिविल लाइंस कोतवाली में शिकायत की गई। कार्यवाहक कोतवाली प्रभारी गोविंद कुमार ने बताया कि आईएएस रवि कपूर की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।