अपहरण के 25 साल पुराने मामले में फरार चल रहे आरोपी को गंगनहर कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी देहरादून रायपुर की भगत सिंह कॉलोनी में नाम बदलकर छिपा हुआ था। सुप्रीम कोर्ट से वारंट जारी होने पर पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे ढूंढ निकाला।
पुलिस के मुताबिक सालियर गांव निवासी फूल सिंह के बेटे अरविंद का छह फरवरी वर्ष 1991 को अपहरण किया गया था। मामले में जलालपुर निवासी शमीम और फरमान समेत तीन आरोपियों को कोर्ट ने सजा सुनाई थी।
देहरादून की भगत सिंह कॉलोनी में छिपा था आरोपी
तीसरे आरोपी की मौत के बाद फरमान ने हाइकोर्ट में अपील की थी। हाइकोर्ट से भी सजा बरकरार रहने पर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।
मगर सुप्रीम कोर्ट से भी कोई राहत नहीं मिल पाई। शमीम व फरमान के खिलाफ तीन साल पहले वारंट जारी हुए थे। इसके बाद से दोनों फरार चल रहे थे।
गंगनहर कोतवाली प्रभारी जवाहर लाल ने मुखबिर तंत्र व खोजबीन के सहारे आखिरकार आरोपी शमीम को देहरादून रायपुर की भगत सिंह कॉलोनी से ढूंढ निकाला। आरोपी यहां परिवार सहित पहचान छिपाकर रहता आ रहा था।
कोतवाली प्रभारी जवाहर लाल ने बताया कि आरोपी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट से वारंट जारी हुए थे, उसे गिरफ्तार कर कोर्ट के समक्ष पेश कर दिया गया है।
दून में बनवाए नए नाम से दस्तावेज
गंगनहर कोतवाली प्रभारी जवाहर लाल के मुताबिक देहरादून के रायपुर में घनी आबादी वाली भगत सिंह कॉलोनी में छिपे शमीम ने अपना नया नाम लियाकत रखा हुआ था। इतना ही नहीं उसने नए नाम से अपना पहचान पत्र से लेकर राशन कार्ड जैसे दस्तावेज भी बनवाए।
पुलिस को उसे ढूंढने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। मगर इंस्पेक्टर जवाहर लाल ने अपने अनुभव व कड़ी मेहनत से उसे ढूंढ ही निकाला। अपहरण के समय आरोपी की उम्र करीब 25 साल थी, पर अब गिरफ्तारी के समय उसके नाती पोते भी हो चुके हैं।
शातिर ने रचा था अपनी हत्या का ड्रामा
जलालपुर निवासी शमीम बेहद शातिर किस्म का अपराधी रहा है। पुलिस के मुताबिक अपहरणकांड के बाद वर्ष 1992 में शमीम ने कानून की नजर से बचने के लिए एक युवक की हत्या कर उसका चेहरा बुरी तरह क्षतविक्षत कर दिया और उसकी जेब में अपना पहचान पत्र डाल दिया।
मिलीभगत में शामिल उसके ससुर ने शव को सुपुर्दे खाक कर दिया। मगर कुछ दिन बाद ही वह किरतपुर बिजनौर में लूट के मामले में पकड़ा गया। तस्दीक के लिए यूपी पुलिस जब जलालपुर पहुंची तो पूरा गांव हैरत में पड़ गया।
पड़ताल में पता चला कि शमीम ने खटका निवासी युवक की हत्या की थी। जिस पर उसके खिलाफ हत्या का मुकदमा भी दर्ज किया गया। वहीं कोतवाल जवाहर लाल ने बताया कि आरोपी ने एक बार खुद को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में परिवार रजिस्टर की फर्जी नकल भी दाखिल की।