ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
फर्जी ट्रस्ट बनाकर गुरु गोरखनाथ आश्रम की जमीन हड़पने के प्रयास के मामले में अब ट्रस्ट पंजीकृत करने वाले रजिस्ट्रार कार्यालय में भी जांच की जाएगी। एएसडीएम रविंद्र बिष्ट ने बताया कि ट्रस्ट पंजीकरण के दौरान इसमें शामिल सभी पदाधिकारियों, सदस्यों के हस्ताक्षर फर्जी तो नहीं है, इसकी भी जांच कराई जाएगी।
मालवीय चौक स्थित गुरु गोरखनाथ आश्रम में फर्जी ट्रस्ट बनाकर जमीन हड़पने के आरोप में दो स्तर पर जांच चल रही है। एक जांच शासन के बाद जिलाधिकारी के आदेश पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नितिका खंडेलवाल ने शुरू की है। उन्होंने एएसडीएम रविंद्र बिष्ट को जांच कर रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं। दूसरी ओर, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से उत्तराखंड के सीएम को मामले में पत्र भेजे जाने के बाद शासन स्तर से एसआईटी जांच भी चल रही है। पिछले दिनों एसआईटी ने मामले में आश्रम के महंत योगी मंगलनाथ के बयान भी दर्ज किए थे। मामला सुर्खियों में आने के बाद तहसील स्तर पर भी जांच तेज हो गई है।
एएसडीएम रविंद्र बिष्ट ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जो ट्रस्ट बनाया गया है, वह रुड़की तहसील स्थित रजिस्ट्रार कार्यालय में पंजीकृत हुआ है। ऐसे में रजिस्ट्रार कार्यालय में भी ट्रस्ट की जांच पड़ताल की जाएगी। यह भी देखा जाएगा कि जिन पदाधिकारियों एवं सदस्यों के ट्रस्ट में नाम दर्ज हैं, उन्होंने रजिस्ट्रार कार्यालय में स्वयं प्रस्तुत होकर हस्ताक्षर किए हैं या नहीं है। इसके अलावा दोनों पक्षों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जल्द ही रिपोर्ट ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को सौंपी जाएगी।