ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
एक उच्च तकनीकी शिक्षण संस्थान की छात्रा के यौन उत्पीड़न और जातीय भेदभाव के मामले में सीओ चंदन सिंह बिष्ट ने संस्थान पहुंचकर छात्रा के सहपाठियों एवं कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। इस दौरान सीओ ने सभी से कई बिंदुओं पर जानकारी ली। साथ ही संस्थान के कई स्थानों का निरीक्षण भी किया।
रुड़की स्थित एक उच्च तकनीकी शिक्षण संस्थान की छात्रा ने कुछ दिन पहले डीन, निदेशक समेत छह प्रोफेसरों पर यौन उत्पीड़न एवं जातीय भेदभाव का आरोप लगाया था। मामले में एसएसपी ने एसआईटी गठित कर जांच के आदेश दिए थे। एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी के निर्देश पर सिविल लाइंस कोतवाली में दो प्रोफेसरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद प्रोफेसर गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट चले गए थे, जहां हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी।
बुधवार को इस मामले में एक बार फिर सीओ चंदन सिंह बिष्ट संस्थान में जांच के लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने छात्रा के सहपाठियों और संस्थान के कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। साथ ही कई बिंदुओं पर जानकारी लेते हुए संस्थान के कुछ स्थानों का निरीक्षण भी किया। सीओ ने बताया कि छात्रा के प्रकरण की एक माह के अंदर जांच पूरी कर ली जाएगी।
फर्जी फेसबुक आईडी बनाई
रुड़की। सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र स्थित एक कॉलोनी निवासी सैन्यकर्मी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसकी बहन के नाम से किसी ने फर्जी फेसबुक आईडी बनाई है। साथ ही उसकी बहन की फोटो भी आईडी पर लगी है। वह आईडी से परिचितों को अश्लील मैसेज भेज रहा है। मंगलवार को बहन के परिचित ने उसकी फर्जी आईडी होने की जानकारी दी। एसएसआई अभिनव शर्मा ने बताया कि फर्जी आईडी को साइबर सेल से बंद करवाया जाएगा।