अमर उजाला ब्यूरो
रुड़की।
पेट्रोल पंप स्वामी उमा अग्रवाल ने पुलिस को तहरीर देकर सोशल मीडिया के जरिये पानी मिलाकर पेट्रोल बेचने की झूठी अफवाह फैलाने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। साथ ही असामाजिक तत्वों से स्वयं सहित पति और बेटे की जान को भी खतरा बताया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
गणेशपुर पुल के समीप स्थित शिखा पेट्रोल पंप की स्वामी उमा अग्रवाल ने गंगनहर कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया है कि कुछ दिन से असामाजिक तत्व उनके पेट्रोल पंप को सोशल मीडिया के जरिये बदनाम कर रहे हैं। आरोप है कि आठ जून को जारी वीडियो में पेट्रोल पंप पर पानी मिलाकर पेट्रोल की बिक्री करते हुए दिखाया जा रहा है। तहरीर में बताया गया है कि यह वीडियो 16 जुलाई 2016 की रात का है, जब भारी बारिश के दौरान उनके सभी पेट्रोल पंप के टैंकों में भी पानी भर गया था। ग्राहकों की शिकायत मिलने के बाद कंपनी के आदेश पर तीन दिन के लिए पंप को बंद कर दिया गया था। अब इसी वीडियो को वायरल कर बदनाम किया जा रहा है। तहरीर में उमा अग्रवाल ने कहा है कि पेट्रोल पंप की देखरेख उनके पति राकेश अग्रवाल और बेटा प्रतीक अग्रवाल करता है। आशंका जताई है कि असामाजिक तत्व पति और बेटे को नुकसान पहुंचा सकते हैं। तहरीर में जानमाल की रखा एवं परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।