मतगणना के लिए प्रत्याशियों ने एजेंटों की तलाश शुरू कर दी है, लेकिन एजेंट बनने को अधिकतर समर्थक कतरा रहे हैं। इनमें वह भी शामिल है जो चुनाव के दौरान खुलकर साथ आए थे।
हरिद्वार में 11 मार्च को विधानसभा चुनाव की मतगणना होनी है। निर्वाचन आयोग की ओर से मतगणना प्रक्रिया की पारदर्शिता के लिए प्रत्याशियों के अलावा उनकी ओर से दिए गए एजेंटों को मतगणना स्थल पर नियुक्त करता है। यह एजेंट किसी प्रकार की गड़बड़ी होने पर आपत्ति दर्ज कराते हैं। इसके लिए प्रत्याशी ऐसे समर्थकों को ढूंढ रहे हैं जो न केवल गिनती के दौरान बारीकि से नजर रखे बल्कि उनमें किसी गड़बड़ी होने पर हो-हल्ला करने का भी माद्दा रखते हैं, लेकिन प्रत्याशियों को ऐसे समर्थक ढूंढने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। समर्थकों को डर सता रहा है कि किसी वजह से यदि वह प्रत्याशी हार गया तो जीता हुआ प्रत्याशी हमेशा के लिए उस पर टेढ़ी नजर रखेगा। इसे ध्यान में रखते हुए अधिकतर कट्टर समर्थक भी एजेंट बनने से कतरा रहे हैं। इसके लिए वे प्रत्याशियों के सामने तरह-तरह के बहाने बनाकर एजेंट बनने से इंकार कर रहे हैं।