शहर से लगी सात ग्राम पंचायतों को लगभग दो साल पहले नगर निगम में शामिल किया गया था। लेकिन, आज भी यहां सुविधाओं का अभाव है। स्थिति यह है कि इन क्षेत्रों में न तो नियमित साफ सफाई की व्यवस्था है और न निगम से जुड़ी अन्य मूलभूत सुविधाएं हैं। तीन विधानसभाओं से जुड़ा होने के बावजूद सलेमपुर मार्ग पर शाम होते ही अंधेरा पसर जाता है। कई आपराधिक घटनाओं के बाद भी अधिकारी और जनप्रतिनिधि सुध नहीं ले रहे हैं।
सलेमपुर, पाडली गुज्जर, शफीपुर, शेरपुर, खंजरपुर, सुनहरा और रामपुर ग्राम पंचायत को लगभग दो साल पहले नगर निगम रुड़की में शामिल किया गया था। लेकिन, आज तक यहां मूलभूत सुविधाओं की भी सुध नहीं ली गई। नतीजतन बिजली, पानी, बदहाल सड़कें और जलनिकासी की समस्या से आज भी ग्रामीणों को निजात नहीं मिल पाई है। शहर के समीप और रुड़की, झबरेड़ा और कलियर विधानसभाओं से जुड़े होने के वजह से सलेमपुर मार्ग की सड़क तो दुरुस्त कर दी। लेकिन, स्ट्रीट लाइट की सुध आज तक नहीं ली गई। नतीजतन शाम होते ही मार्ग पर अंधेरा पसर जाता है।
यह स्थिति तब है जबकि मार्ग पर रुड़की ब्लाक, डायट और बिजलीघर सहित कई सरकारी कार्यालय हैं। मार्ग के दोनों ओर घनी आबादी है और आसपास औद्योगिक क्षेत्र भी हैं। फिर भी नगर निगम स्ट्रीट लाइटों की सुध नहीं ले रहा है। यही कारण है कि इस मार्ग पर स्थित कमला नर्सिंगहोम में डकैती, चेन स्नैचिंग सहित कई वारदातें हो चुकी हैं। इस संबंध में नगर निगम के सहायक नगर अधिकारी उत्तम सिंह नेगी का कहना है कि सलेमपुर रोड पर स्ट्रीट लाइटों के लिए बोर्ड में प्रस्ताव पास किया गया है। लेकिन, इससे पहले हाइड्रिल की ओर से लाइन डालने का काम किया जाना है। इसके बाद पथ प्रकाश की व्यवस्था की जाएगी।