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उत्तराखंड में नहीं है कोरोना वायरस की जांच की लैब

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रुड़की। उत्तराखंड में कोरोना वायरस की जांच के लिए लैब नहीं है। ऐसे में कोरोना वायरस की पुष्टि करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को अन्य प्रदेशों में सैंपल जांच के लिए भेजने पड़ेंगे। फिलहाल वारयस की पुष्टि करने के लिए लखनऊ की सरकारी लैब में सैंपल भेजे जाने का निर्णय लिया गया है। वहीं कोरोना की दहशत के फेर में बाजारों में मास्क की कालाबाजारी शुरू हो गई है।
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अभी तक कोरोना वायरस की जांच की सुविधा के लिए देश भर में करीब 16 लैब बनाई गई हैं। इनमें उत्तराखंड में एक भी नहीं है। सीएमएस डॉ. संजय कंसल ने बताया कि लखनऊ, पूना और हरियाणा में भी लैब की सुविधा है। यदि कोई संदिग्ध मिलता है तो सैंपल को जांच के लिए लखनऊ की लैब में भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि लैब से रिपोर्ट मिलने में तीन से चार दिन का समय लग जाता है। उन्होंने बताया कि रुड़की सिविल अस्पताल में कोरोना की जांच के लिए जांच किट मौजूद है। कोरोना का संदेह होने पर मरीज को इलाज के साथ-साथ पूरी निगरानी में रखा जाएगा। साथ ही उसके परिवार और उनसे मिलने वाले व मिल चुके लोगों पर भी निगरानी रखी जाएगी। वहीं, बाजार में मास्क की कालाबाजारी शुरू हो गई है। लोग मेडिकल स्टोरों पर मास्क खरीदने जा रहे हैं तो पहले तो उन्हें खत्म होने का बहाना बताया जा रहा है। फिर करीब 40 रुपये कीमत के मास्क को सौ से तीन सौ रुपये तक में बेचा जा रहा है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नमामि बंसल ने बताया कि इस तरह की कई शिकायतें मिल रही हैं। पहले तो यह है कि लोगों को यह समझना चाहिए कि स्वस्थ और सभी लोगों को मास्क की जरूरत नहीं है, लेकिन यदि किसी भी मेडिकल स्टोर पर अधिक पैसे मांगे जाते हैं तो तुरंत सूचित करें।
कोरोना वायरस: प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का अलर्ट
डीएम ने अधिकारियों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए दिए निर्देश
जेएम, सीएमएस और पुलिस प्रशासन ने की संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस
संवाद न्यूज एजेंसी
रुड़की। कोरोना वायरस को लेकर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। बृहस्पतिवार को जहां डीएम ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए, वहीं प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन की ओर से संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस की गई। इसमें लोगों से बिना घबराए, सतर्कता बरतने और जागरूक रहने की अपील की गई।
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ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नमामि बंसल, सीएमएस डॉ. संजय कंसल और एसपी देहात स्वप्न किशोर सिंह ने संयुक्त रूप से जेएम कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस की। इस दौरान जेएम नमामि बंसल ने लोगों को कोरोना वायरस को लेकर जागरूक किया। कहा, दहशत से बचें और अपने स्तर पर सतर्कता बरतें। उन्होंने होली का त्योहार अपने परिवार में और सीमित क्षेत्र में मनाने की अपील की। सीएमएस डॉ. संजय कंसल ने बताया कि कोरोना की पुष्टि होने पर कोई खास दवाओं की जरूरत नहीं है। वर्तमान में इसके लिए कोई निर्धारित मेडिसिन नहीं है, ऐसे में कोरोना वायरस होने पर प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के लिए दवाओं का प्रयोग किया जाता है। इसके अलावा लोगों को गर्म पानी पीने, सेनेटाइजर का प्रयोग करना, दिन में आठ से दस बार एक मिनट तक हाथों को धोना और छींकने आदि के समय सीधे हाथों को नाक पर रखकर वायरस सीधे नाक के जरिए गले तक नहीं पहुंचेगा। एसपी देहात स्वप्न किशोर सिंह ने कहा कि शहर में कोरोना को लेकर कोई भयावह स्थिति नहीं है।
डॉक्टर साहब! जिस होटल में था, उसमें विदेशी थे
विभिन्न माध्यमों से कोरोना को लेकर हो रहे प्रचार से लोगों में जागरूकता आ रही है। सिविल अस्पताल पहुंचे एक व्यक्ति ने चिकित्सकों से कहा कि उसकी जांच करें कि कहीं उसमें कोरोना वायरस तो नहीं है। इस पर चिकित्सकों ने पूछा कि क्या उसे किसी तरह के खांसी जुकाम आदि की शिकायत है, इस पर उस व्यक्ति ने कहा कि ऐसी कोई ज्यादा शिकायत तो नहीं है, लेकिन वह बाहर घूमकर आया है और जिस होटल में ठहरा था, उसमें कई विदेशी भी थे। इस पर चिकित्सकों ने उसकी जांच की। सीएम डॉ. कंसल ने बताया कि जांच में कोरोना वायरस के कोई लक्षण नहीं पाए जाने पर व्यक्ति को भेज दिया गया है।
10 घंटे तक जीवित रह सकता है कोरोना वायरस
सीएमएस डॉ. संजय कंसल ने बताया कि कोरोना वायरस को पनपने के लिए नमी की जरूरत होती है। फर्श पर यह वायरस चार से पांच घंटे और प्लास्टिक, ग्लास और स्टील आदि की सतह पर नौ से दस घंटे तक जीवित रहता है। वहीं 35 डिग्री तापमान तक ही यह वायरस जीवित रहता है, इससे ऊपर तापमान होने पर यह वायरस खुद ही समाप्त होने लगता है, इसीलिए वायरस की चपेट में आने पर गर्म पानी की सलाह दी जाती है।
रद्द कर दी यात्राएं
क्षेत्र में कोरोना वायरस का भय लोगों में साफ दिखने लगा है। गुम्मावाला माजरी निवासी योगेश सैनी ने मार्च के अंतिम सप्ताह में जयपुर घूमने का कार्यक्रम बनाया हुआ था। उनका कहना है कि यात्रा के लिए टिकट और होटल पहले ही बुक कर लिए थे। अब जयपुर के अलावा अन्य शहरों में कोरोना वायरस बढ़ने से उन्होंने अपनी यात्रा रद्द कर दी है। वहीं माजरी गांव निवासी रिपु दमन सैनी ने भी अपनी जयपुर की यात्रा का कोरोना के डर से निरस्त कर दिया है। रुड़की के आलोक सैनी ने परिवार के साथ होली के बाद आगरा घूमने का प्रोग्राम बनाया हुआ था। उन्होंने कोरोना के डर से इस डर से यात्रा निरस्त कर दी है।
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