रुड़की। शहर और देहात की कई मसजिदों में जुमे की नमाज के दौरान उलेमाओं ने मुसलिम नौजवानों से आईएस जैसे आतंकी संगठनों से सावधान रहने की अपील की। उलेमाओं ने बताया कि आतंकी संगठन मजहब के नाम पर उन्हें बहका सकते हैं। खासकर सोशल मीडिया को लेकर एहतियात बरतें। इसके बाद मुल्क में अमन-ओ-चैन की दुआएं भी कराई गई।
रुड़की देहात से चार युवकों की आतंकी कनेक्शन में गिरफ्तारी के बाद पुलिस और खुफिया विभाग जागरूकता पर बल दे रहा है। गिरफ्तारी में सामने आया है कि उनका संपर्क सोशल मीडिया के जरिये आतंकी संगठन आईएस से हुआ था। ऐसे में युवाओं को सोशल मीडिया को लेकर जागरूकता लानी जरूरी है। जुमे की नमाज में झबरेड़ा के मदरसा हिफ्र जुरकुरआन में आस पास के उलेमाओं और हाफिजों ने कुरआन और हदीस की रोशनी में जरूरी बातें समझाई। अपनी तकरीर में मौलाना हबीब ने कहा कि जो लोग इस्लाम के नाम पर भोले भाले नौजवानों को आतंक की आग में धकेल रहे हैं, वह दुनिया के किसी भी धर्म का पालन नहीं कर रहे हैं क्योंकि दुनिया का कोई भी मजहब बेगुनाहों का खून बहाने की इजाजत नहीं देता। इस्लाम में साफ कहा गया है कि वतन से वफादारी आधा ईमान है। देश की हिफाजत करना हम सब का फर्ज है। मदरसे में राव रिजवान, अहसान, राव कुर्बान, शरीफ आदि ने मुल्क में अमन चैन की दुआएं मांगी। वहीं रुड़की शहर की कई मसजिदों में भी उलेमाओं ने मुसलिम नौजवानों से आतंक का मुंहतोड़ जवाब देने की अपील की।