रुड़की। शहर में बीपीएल की व्यवस्था न होने से नगर निगम और नगर पंचायत में शामिल 11 पंचायतों के तीन हजार बीपीएल कार्ड धारक भी अब ‘अमीर’ हो गए हैं। करीब दस माह से यह कार्डधारक गरीबों के लिए संचालित सभी योजनाओं से पूरी तरह वंचित हैं। जिसकी वजह से यह सभी लोग परेशान हैं।
पिछले वर्ष अक्तूबर में रुड़की नगर निगम का दायरा बढ़ाते हुए सात ग्राम पंचायतों को इसमें शामिल करने के साथ ही चार पंचायतों को जोड़कर पिरान कलियर नगर पंचायत बना दी थी। इससे इन पंचायतों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव भी नहीं कराए गए थे। तब से यह सभी 11 पंचायतें नगर निकायों यानी शहरी क्षेत्र में हैं। अब इन पंचायतों पर नगर निकायों का अधिकार है। निकायों में आने से वैसे तो यह गांव शहर से अब अधिकृत रूप से शहरों की श्रेणी में शामिल हो गए हैं, लेकिन शहरों में आने से इन पंचायतों के 3263 बीपीएल परिवार भी खुद-ब-खुद अमीर बन गए हैं। इनमें नगर निगम में शामिल होने वाले 2257 परिवार और पिरान कलियर में आने वाले 1006 परिवार बीपीएल की सूची में दर्ज हैं। लेकिन अब यह परिवार बीपीएल सूची में नाम होने के बावजूद सरकार से मिलने वाली योजनाओं का लाभ नहीं ले सकेंगे। शहरी क्षेत्रों में बीपीएल परिवार चिह्नित करने की कोई व्यवस्था नहीं है और बीपीएल योजना केवल ग्रामीण क्षेत्रों के लिए लागू होती है। ऐसे में गरीब होने के प्रमाण होने के बाद भी बीपीएल परिवार तमाम योजनाओं का लाभ नहीं उठा सकते।
निगम में शामिल पंचायतें और बीपीएल परिवारों की संख्या
1-पाड़ली गुर्जर -732
2-सलेमपुर -241
3-खंजरपुर -193
4-रामपुर -144
5-शेरपुर -54
6-सुनहरा -843
7-शफीपुर -50
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नगर निगम क्षेत्र-2257
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पिरान कलियर नगर पंचायत में शामिल गांव
8-पिरान कलिलर -381
9-महमूदपुर -200
10-बेड़पुर -259
11-मुकर्रबपुर -166
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पिरान कलियर क्षेत्र-1006
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कुल बीपीएल परिवार-3263
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यह मिलता है बीपीएल परिवारों को लाभ
समाज कल्याण विभाग से संचालित विभिन्न योजनाओं के तहत सहायता राशि प्रदान की जाती है।
समाज कल्याण से पेंशन, गौरा देवी, हमारी कन्या हमारा अभिमान आदि योजनाओं का सीधा लाभ।
बीपीएल कार्ड होने पर सरकारी, अर्द्धसरकारी एवं निजी अस्पतालों में इलाज में छूट व नि:शुल्क।
विकास विभाग की ओर से संचालित योजनाओं में बीपीएल परिवारों को लाभ देने की व्यवस्था है।
बीपीएल श्रेणी में शामिल परिवारों को आय प्रमाण पत्र वालों की अपेक्षा ज्यादा वरीयता दी जाती है।
इनका कहना है
शहरी क्षेत्रों में बीपीएल परिवार होने की कोई व्यवस्था नहीं है। इसलिए नगर निगम क्षेत्र में शामिल सभी पंचायतों को अब बीपीएल श्रेणी में होने का लाभ नहीं मिल सकता है।
उत्तम सिंह नेगी, सहायक नगर अधिकारी, नगर निगम रुड़की
इनका कहना है
सरकार ने गरीबों के साथ नाइंसाफी की है। गरीबों को कल्याणकारी योजना के लाभ से महरूम किया है। सरकार को बीपीएल का नया सर्वे होने तक सभी पात्रों को योजनाओं का लाभ देना चाहिए।
बहरोज आलम, पूर्व ग्राम प्रधान, पाड़ली गुर्जर