आसमान में काले बादल देखकर किसानों की धड़कनें तेज हो रही हैं। इस समय गेहूं की फसल लगभग पककर तैयार है लेकिन मौसम के मिजाज को लेकर किसान घबराए हुए हैं। उन्हें डर है कि अगर फिर से बारिश हुई तो उनकी रही सही फसल भी बरबाद हो जाएगी।
इस बार मौसम का मिजाज किसानों को रास नहीं आ रहा है। 15 दिन के भीतर दो बार हुई ओलावृष्टि और बारिश ने किसानों की लगभग 30 प्रतिशत फसल को बरबाद कर दिया है। किसानों के खेतों में इस समय गेहूं की फसल पकने की कगार पर है। जिन खेतों में अगेती गेहूं की बुआई की गई थी वह एक-दो दिन में पक जाएगी।
अमित चौधरी, प्रवीण नागर का कहना है कि अगले एक सप्ताह के भीतर गेहूं की कटाई का कार्य रफ्तार पकड़ लेगा। वहीं कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार गेंहू की कटाई देरी से शुरू होगी। इस बार मौसम हर दिन करवट बदलता रहा है और इस प्रकार अंतिम समय में फसल में नुकसान भी काफी हुआ है। मुख्य कृषि अधिकारी विजय देवराड़ी ने बताया कि मौसम में अब भी ठंडक बनी हुई है। इस बार गेहूं की फसल एक सप्ताह लेट है। इसका फायदा भी किसानों को होगा क्योंकि इससे दाना मोटा होगा और फसल का वजन भी ज्यादा होगा।