रामनगर में एक नाले के चोक होने और उसपर अतिक्रमण से क्षेत्र के हजारों लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्थिति यह है कि नालों का गंदा पानी घरों में आ रहा है। क्षेत्रवासियों की शिकायत और अमर उजाला में खबर छपने के बाद बुधवार को नगर निगम की टीम ने नाले की सफाई की।
सलेमपुर और रामनगर मार्ग से निकलने वाला नाला अतिक्रमण से बंद हो गया है। इस कारण लंबे समय से इसकी सफाई नहीं हो पा रही है। क्षेत्रवासियों की ओर से समय-समय पर इस संबंध में नगर निगम से शिकायत भी की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मंगलवार के अंक में अमर उजाला ने ‘नहीं चेते तो बरसात में डूबेगा शहर’ खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इसके बाद बुधवार की सुबह नगर निगम की टीम रामनगर क्षेत्र में पहुंची और नालों की सफाई शुरू कर दी, हालांकि नाले पर अतिक्रमण के कारण सफाई करने में निगम कर्मियों के पसीने छूट गए। इसके बावजूद पूरे नाले की सफाई नहीं हो सकी। मालूम हो कि रामनगर, अशोक मार्ग और आसपास के क्षेत्र में नाला जाम होने से लोगों को आए दिन परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि नाले की सफाई नहीं होने से घरों में गंदा पानी भर रहा है। इस संबंध में एमएनए गोपाल सिंह चौहान का कहना है कि नगर निगम की ओर से अतिक्रमण वाले जलभराव वाले क्षेत्रों को चिह्नित कर शीघ्र ही अभियान चलाया जाएगा।
आजादनगर में गंदगी से परेशानी
आजादनगर क्षेत्रवासियों ने अधिकारियों से शिकायत करते हुए क्षेत्र में चोक पड़े नाले और गंदगी को साफ करने की मांग की है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि रमजान शुरू होने में पांच दिन शेष रह गए हैं। इससे पहले साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई। उन्होंने बताया कि जेल के गेट से दूसरे कोने तक नाले की सफाई नहीं होने से गंदा पानी लोगों के घरों में जा रहा है। पिछले साल में भी नाले की सफाई नहीं होने से गंदा पानी घरों में घुस गया था। शिकायत करने वालों में क्षेत्रवासी सुशील गुप्ता, आफताब, सलीम, आरिफ, डा. ब्रजमोहन, अनवर आदि शामिल हैं। क्षेत्रवासियों की ओर से अमर उजाला में समस्या को प्रमुखता से उठाने पर धन्यवाद भी दिया गया है।