बारिश ने एक बार फिर नगर निगम के दावों की पोल खोलकर रख दी। दोपहर 12 बजे हुई तेज बारिश से शहर के कई इलाकों में सड़कों पर जलभराव हो गया और गलियां पानी से लबालब हो गईं। ऐसे में नाला सफाई भी काम नहीं आई। कई जगहों पर नाला साफ होने के बाद भी पानी भर गया। जलभराव से वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
वैसे तो करीब एक घंटे झमाझम बारिश हुई, लेकिन करीब तीन बजे तक बूंदाबांदी जारी रही। इससे अंबर तालाब, श्यामनगर, सुनहरा, पुरानी तहसील, सती मोहल्ला आदि निचले इलाकों में जलभराव हो गया। यहां सड़कें और गलियां पानी से लबालब भर गईं। ऐसे में लोगों को अपने वाहन पानी के बीच से ही निकालने पड़े। कुछ ही देर की बारिश से नाले और नालियां उफना गईं। कुछ देर और बारिश होती तो पानी लोगों के घरों में घुस सकता था। वहीं, नगर निगम करीब चार दिन से शहर में नालों और नालियों की सफाई का काम करवा रहा है। वैसे तो मानसून की स्थिति को देखें तो नगर निगम ने इस काम को करवाने में करीब 15 दिन की देरी कर दी है। यदि समय से बारिश शुरू हो जाती तो नगर निगम को नाले साफ करने का मौका न मिलता। वहीं, अभी तक जितने भी नाले साफ हुए हैं, उसका असर दिखाई नहीं दिया। मंगलवार को हुई बारिश से रामनगर में नाले उफान पर आ गए। जबकि, यहां दो दिन पहले ही नाले साफ कराए गए थे। चंद्रपुरी में भी नाले साफ होने के बावजूद सड़कों पर पानी भर गया।
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लापरवाही : फिर नालों में बह गई गंदगी
नगर निगम की ओर से चार दिन से नालों की सफाई कराई जा रही है। सफाई कर्मचारी नालों से निकली गंदगी को बाहर सड़क पर निकालकर डाल रहे हैं। चार दिन से कुछेक इलाकों को छोड़ दें तो सड़कों पर डाला गया नालों का कूड़ा करकट नहीं उठाया गया। ऐसे में मंगलवार दोपहर को बारिश हुई तो पानी के बहाव में सारा कूड़ा फिर नालों में ही बह गया। ऐसे में जहां सफाई कर्मचारियों की मेहनत बेकार गई तो वहीं बजट भी खराब हुआ।