शहर में एक ओर जहां सियासी पारा चढ़ता जा रहा है, दूसरी ओर ठिठुरन से लोग बेहाल हैं।
अमर उजाला की टीम ने बृहस्पतिवार रात शहर के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों का निरीक्षण किया तो पता चला कि जरूरतमंदों की सुध न सियासी दल ले रहे हैं और न शासन-प्रशासन को इनकी परवाह है। फुटपाथ पर कई लोग ठिठुरते नजर आए। इनमें सबसे ज्यादा संख्या रिक्शा चालकों और भिखारियों को रही। महिला रैन बसेरे में भी ताला लटका रहा। पुरुष रैन बसेरे में चार-पांच लोग शरण लिए हुए थे। नगर निगम शहर के 10 स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था के दावे कर रहा है। जबकि अलाव केवल रोडवेज बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के पास जलते नजर आए।
अमर उजाला की टीम ने बृहस्पतिवार रात को कई क्षेत्रों का दौरा किया। नगर निगम पुल से टीम चली लेकिन, आसपास कहीं कोई अलाव जलता नजर नहीं आया। रुड़की टाकिज तिराहे पर भी कोई अलाव जलता नहीं पाया गया। बस स्टैंड पर अलाव जल रहा था। यहां आग तापने के लिए कई लोग बैठे हुए थे। एसडीएम चौराहा, मिलिट्री चौराहा, गणेशपुर पुल बस स्टॉप, मालवीय चौक, आजाद नगर चौक, रामनगर, ईदगाह चौक, रामपुर चुंगी, कलियर मेटाडोर अड्डा आदि पर कहीं कोई अलाव की व्यवस्था न होने से रिक्शा चालक समेत कई लोग ठिठुरते नजर आए। रेलवे स्टेशन पर एक अलाव जल रहा था।
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निगम के रिकार्ड में इन स्थानों पर प्रतिदिन जलते हैं अलाव
-रुड़की टॉकिज तिराहा (शताब्दीद्वार)
-रोडवेज बस स्टेंड
-गणेशपुर पुल बस स्टॉप
-चंद्रपुरी रिक्शा स्टेंड
-कोढिखाना
-रामनगर चौक
-मलकपुर चुंगी
-पुरानी तहसील रिक्शा स्टेंड
-कलियर मेटाडोर स्टेंड
-मलकपुर चुंगी
पुरुष रैन बसेरा खुला, महिला रैन बसेरा बंद
रुड़की। नगर निगम परिसर में स्थित पुरुष रैन बसेरा खुला हुआ था। वहां पर तकथ, गद्दा और रजाई भी थी। साथ ही हीटर भी जला हुआ था लेकिन, महिला रैन बसेरा पर ताला लटका हुआ था। जबकि निगम की ओर से दावा किया जाता है कि पुरुष और महिला रैन बसेरा प्रतिदिन शाम को खुलता है।
नगर निगम की ओर से प्रतिदिन अलावा जलवाए जा रहे हैं। 15 दिसंबर से अलाव जलाए जा रहे हैं। यदि निर्धारित स्थान पर अलाव नहीं जल रहे हैं तो हम स्वयं इसकी की जांच करेंगे।
उत्तम सिंह नेगी, एसएनए, नगर निगम रुड़की।