फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीएम के दावे हवाई, समस्या जस की तस

Fri, 22 Jul 2016 11:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
विज्ञापन
मोहनपुरा में जलभराव - फोटो : amarujala
विज्ञापन
 चार दिन पहले रुड़की से लगे मोहनपुरा, ढंढेरा और साउथ सिविल लांइस क्षेत्र का निरीक्षण कर मुख्यमंत्री ने जलभराव की समस्या दूर करने का भरोसा दिलाया था। साथ ही मौके पर भी अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन आज भी समस्या जस की तस है। अलबत्ता अग्रिशमन की ओर से दो-तीन घंटे पंपिंग मशीन चलाकर जलनिकासी की खानापूर्ति कर दी गई, लेकिन लोगों को इससे राहत नहीं मिली। इससे क्षेत्रवासियों में आक्रोश है। उन्होंने नेताओं और अधिकारियों पर झूठे आश्वासन देने के आरोप लगाए हैं। 
विज्ञापन

ढंढेरा, मोहनपुरा और साउथ सिविल लाइंस में जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने से जलभराव है। स्थिति यह है कि चार-पांच दिन पहले हुई बरसात का पानी नहीं निकलने से क्षेत्र में दुर्गंध से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। इससे पहले 18 जुलाई को अचानक क्षेत्र में पहुंचे मुख्यमंत्री ने समस्या को हल करने का भरोसा दिलाया था। मौके पर मौजूद जिलाधिकारी हरबंश चुग और अन्य अधिकारियों को हर हाल में जलनिकासी को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसके अगले दिन अग्रिशमन दल ने दो-तीन घंटे पंपिंग मशीन चलाकर आदेशों की खानापूर्ति की, लेकिन क्षेत्रवासियों को समस्याओं से निजात नहीं मिल पाई। इससे क्षेत्रवासियों में आक्रोश है। उनका कहना है कि पहले भी सांसद रहने के दौरान हरीश रावत ने क्षेत्र के लिए 100 करोड़ से ड्रेनेज सिस्टम स्वीकृत कराने की बात कही थी, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हुआ। इसी प्रकार एकबार फिर उनके दावे और निर्देश हवाई साबित हुए। उन्होंने पूर्व विधायक प्रणव चैंपियन पर जलनिकासी समस्या के समाधान के झूठे आश्वासन देने के आरोप लगाए। 

क्या कहते हैं क्षेत्रवासी
2009 में सांसद रहने के दौरान हरीश रावत ने क्षेत्र के लिए 100 करोड़ की लागत से ड्रेनेज सिस्टम लगवाने का भरोसा दिया था, लेकिन वह आज तक पूरा नहीं हुआ। कुंवर प्रणव चैंपियन ने भी 2012 के चुनाव से पहले जलनिकासी की समस्या का भरोसा दिलाया था, वह भी हवाई साबित हुआ। 
विज्ञापन

-ठाकुर संजय सिंह, साउथ सिविल लाइंस निवासी

जलजमाव और गंदगी से क्षेत्र में बीमारियों का खतरा बना हुआ है। मुख्यमंत्री के आगमन से समस्या समाधान की आस जगी थी, लेकिन वह भी हवाई साबित हुआ। एकबार फिर क्षेत्रवासी ज्वाइंट मजिस्ट्रेट से मिलकर समस्या समाधान की गुहार लगाएंगे। इसके बाद भी राहत नहीं मिली तो आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। 
-संजय वाल्मीकि, ढंढेरा गोलभट्टा निवासी 

नालियों और तालाब पर अतिक्रमण के कारण क्षेत्र में जलभराव की समस्या गंभीर हो गई है। राजनीतिक दलों की ओर से अब सिर्फ आश्वासन ही दिए गए हैं। क्षेत्रवासी वर्षों से जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। मामूली बरसात में भी घरों में पानी घुस जाता है। 
-सतेंद्र कुमार, साउथ सिविल लाइंस निवासी

जलभराव से मोहनपुरा और ढंढेरा में लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो रहा है, लेकिन राजनीतिक दलों और अधिकारियों को समस्या से कोई वास्ता नहीं है। यही कारण है कि वर्षों
बाद भी क्षेत्रवासियों को आश्वासन से ही संतोष करना पड़ रहा है। जल्द ही इसके लिए सड़कों पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा।
-प्रदीप पाल, मोहनपुरा निवासी

क्या कहते हैं ज्वाइंट मजिस्ट्रेट
सीएम के निरीक्षण के बाद क्षेत्र में पंपिंग मशीन लगाकर पानी निकलवाया गया था, लेकिन बारिश के कारण फिर से जलभराव हो गया है। दोबारा से पंपिंग मशीन लगाकर जमे हुए पानी की निकासी कराई जाएगी। 
विज्ञापन

-मयूर दीक्षित, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें