सीआईएसएफ के जवान को रहीमपुर में दूसरे की जमीन दिखाकर एक एजेंट ने 3.40 लाख रुपये ठग लिए। एग्रीमेंट का टाइम पूरा होने पर जवान ने जब प्लॉट की मालकिन से रजिस्ट्री के लिए कहा तो उन्होंने एजेंट से किसी भी सौदेबाजी से इनकार कर दिया। पीड़ित ने गंगनहर कोतवाली में धोखाधड़ी की तहरीर दी।
इमलीखेड़ा गांव निवासी पदम सिंह सीआईएसएफ में तैनात है। रुड़की से सटे रहीमपुर में प्लॉट लेने के लिए उन्होंने एक एजेंट से संपर्क किया। एजेंट ने प्लॉट दिखाकर उसका सौदा तय कर दिया और एडवांस के तौर पर 3.40 लाख रुपये लेकर एग्रीमेंट कर दिया। एग्रीमेंट का समय पूरा होने पर सीआईएसएफ जवान ने एजेंट के बजाय सीधे प्लॉट की मालकिन से संपर्क किया। इस पर प्लॉट मालकिन ने ऐसे किसी भी एग्रीमेंट से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि उन्हें अपना प्लॉट बेचना ही नहीं है। जवान ने वापस एजेंट से बात की तो वह उल्टा भड़क गया और सीधे प्लॉट मालकिन से बात करने पर आपत्ति जताई।
कुल मिलाकर न प्लॉट की रजिस्ट्री की गई और न रुपये वापस मिले। इस पर पदम ने मुरादाबाद यूपी में बतौर दारोगा तैनात अपने भाई संजय प्रकाश को पूरा मामला बताया। जिस पर दोनों भाई तहरीर लेकर गंगनहर कोतवाली पहुंचे। कोतवाली प्रभारी जवाहर लाल ने पूरी बात सुनने के बाद उपनिरीक्षक चित्रगुप्त को निर्देशित किया कि मामले से जुड़े सभी पक्षों को कोतवाली बुलाकर पूछताछ करे। कोतवाली प्रभारी जवाहर लाल ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है।
ठगी का गढ़ बन रहा रहीमपुर क्षेत्र
शहर में जमीन की धोखाधड़ी के मामले यूं तो आस पास देहात में बस रही कॉलोनियों से लगातार सामने आ रहे हैं। मगर रहीमपुर जमीन की धोखाधड़ी का गढ़ बना हुआ है। यहां एजेंट खाली पड़े प्लॉट का उसके मालिक की जानकारी के बिना ही सौदा कर डालते हैं। कई बार एक ही प्लॉट का कई अलग अलग लोगों से एग्रीमेंट करने के विवाद भी पुलिस के सामने आए। क्षेत्र में जमीन के कई नटवरलाल सक्रिय हैं, जो धोखाधड़ी के मामलों में पहले जेल भी जा चुके हैं।