दो साल पहले रुड़की उपकारागार के बाहर हुई गैंगवार के मामले में जांच के लिए बृहस्पतिवार को सीबीसीआईडी टीम गंगनहर कोतवाली पहुंची। कोतवाली में पड़ताल के बाद टीम ने मौका मुआयना किया। साथ ही जेल पहुंचकर भी पड़ताल की।
वर्चस्व को लेकर कुख्यात सुनील राठी और चीनू पंडित के बीच तनातनी जगजाहिर है। उसी बीच लगभग दो साल पहले रुड़की जेल से चीनू पंडित की रिहाई हो रही थी। उसे लेने के लिए उसके समर्थक पहुंचे हुए थे। तभी कार सवारों ने चीनू और उसके साथियों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। मामले में सुनील राठी का शूटर कुख्यात अमित भूरा का नाम सामने आया था। उस पर एक-47 से फायरिंग का आरोप है। घटना में गोलीबारी के दौरान तीन लोगों की मौत हो गई। जबकि चीनू पंडित बाल-बाल बच गया था। वारदात के दो साल बाद जांच के लिए बृहस्पतिवार को सीबीसीआईडी की टीम देहरादून से रुड़की पहुंची। सीबीसीआईडी के इंस्पेक्टर चंदन सिंह बिष्ट के नेतृत्व में पहुंची टीम ने पहले गंगनहर कोतवाली और फिर घटनास्थल का मौका मुआयना कर जेलकर्मियों से जानकारी जुटाई। गंगनहर प्रभारी निरीक्षक चंद्रभान सिंह ने बताया कि रुड़की जेल पर हुई गैंगवार की घटना की जांच के लिए सीबीसीआईडी की टीम आई थी। जानकारी लेने के बाद लौट गई।