साइबर ठगों ने एक अध्यापक का एसी खरीदने का झांसा देकर खाते में हजारों की रकम ट्रांसफर करवा ली। मामले में पुलिस को तहरीर दी गई है।
सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र स्थित ढंडेरा निवासी अशोक कुमार ने पुलिस को बताया कि वह निजी स्कूल में अध्यापक हैं। कुछ दिन पहले उनके बेटे ने ओएलएक्स पर अपना एसी बिक्री करने का विज्ञापन डाला था। विज्ञापन में बेटे ने उनका मोबाइल नंबर भी डाला था। बताया कि बुधवार को उनके पास एक नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने बताया कि वह उनका एसी खरीदना चाहता है। इस पर उन्होंने एसी 20 हजार रुपये में बेचने की बात कही।
इस पर कॉल करने वाले ने बताया कि वह भी रुड़की के मोहनपुरा का रहने वाला है और सेना में है। वर्तमान में उसकी तैनाती पुलवामा में है। इसके बाद उसने व्हाटएसप पर एक सेना की वर्दी में फोटो और आईडी कार्ड भेजा। बताया कि वह उसकी ही फोटो और आईडी कार्ड है। साथ ही बताया कि वह 20 हजार में एसी खरीदने के लिए तैयार है लेकिन वह उसे ऑनलाइन रुपये ट्रांसफर नहीं कर सकता है।
साथ ही बताया कि उसे 40 हजार रुपये की जरूरत है। वह अपनी पत्नी के मोबाइल पर कॉल रहा है लेकिन नंबर बंद आ रहा है। वह उसे 40 हजार रुपये भेज दें तो वह उन्हें अपने घर का पता बता देगा और 40 हजार व 20 हजार एसी के पत्नी से दिलवा देगा। उसके झांसे में आकर अध्यापक ने 40 हजार रुपये उसके बताए खाते में ट्रांसफर कर दिए। साथ ही उसके बताए गए पते पर पहुंचे तो पता चला कि वह किसी और का घर है। उन्होंने उस नंबर पर कॉल की तो वह बंद आया। इस पर अध्यापक को ठगी का अहसास हुआ। पीड़ित ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। एसएसआई धर्मेंद्र राठी ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है।