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Roorkee News: चेक बाउंस मामले में कारोबारी को छह माह की जेल

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सीमेंट खरीदकर भुगतान के लिए दिया गया चेक बाउंस होना एक कारोबारी को भारी पड़ गया। चार वर्ष तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद लक्सर की अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए छह माह के कारावास और 2.70 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। अदालत ने जुर्माने की राशि में से 2.67 लाख रुपये परिवादी फर्म को प्रतिकर के रूप में दिए जाने के आदेश भी दिए हैं।
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मामला सुल्तानपुर कुन्हारी स्थित रहमत अली छोटा अली एंड संस फर्म से जुड़ा है। परिवाद के अनुसार 2022 में आरोपी सोनू अली ने फर्म से लाखों रुपये का अंबुजा सीमेंट खरीदा था। भुगतान के लिए उसने 2.52 लाख रुपये का चेक दिया लेकिन बैंक में प्रस्तुत करने पर चेक बाउंस हो गया। कानूनी नोटिस भेजे जाने के बावजूद भुगतान नहीं किए जाने पर फर्म ने अदालत की शरण ली।



मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की ओर से साक्ष्य और तर्क प्रस्तुत किए गए। सुनवाई पूरी होने के बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-सिविल जज (सीनियर डिवीजन) लक्सर ललिता सिंह ने आरोपी सोनू अली को परक्राम्य लिखत अधिनियम (एनआई एक्ट) की धारा 138 के तहत दोषी करार दिया। अदालत ने अपने आदेश में आरोपी को छह माह के कारावास, 2.70 लाख रुपये के अर्थदंड और अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में अतिरिक्त छह माह के कारावास की सजा सुनाई।
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परिवादी पक्ष के अधिवक्ता मोहम्मद कासिम ने बताया कि अदालत ने साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आरोपी को दोषी मानते हुए फैसला सुनाया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय व्यापारिक लेन-देन में चेक के माध्यम से भुगतान करने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है कि चेक बाउंस के मामलों में कानून सख्ती से कार्रवाई करता है। वहीं फर्म स्वामी अकरम अली ने अदालत के फैसले पर संतोष जताते हुए कहा कि न्यायालय ने सच्चाई और साक्ष्यों के आधार पर निर्णय दिया है। उन्होंने कहा कि व्यापारिक लेन-देन में विश्वास सबसे बड़ी पूंजी होती है और ऐसे मामलों में न्याय मिलने से व्यापारियों का भरोसा मजबूत होता है।
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