ढंडेरा के पास मंगलवार सुबह तेज रफ्तार रोडवेज बस ने बाइक और स्कूटी को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे दो लोगों की मौत हो गई। इनमें एक बुजुर्ग और एक युवक है। दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल है। घटना से गुस्साए लोगों ने हाईवे पर जाम लगा दिया और हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह लोगों को समझाकर शांत कराया।
मंगलवार सुबह करीब 11 बजे ऋषिकेश डिपो की एक बस नगला इमरती से होते हुए रुड़की की ओर आ रही थी। बस जैसे ही रुड़की-लक्सर हाईवे पर ढंडेरा के पास पेट्रोल पंप के पास पहुंची तभी चालक ने आगे चल रही बस को ओवरटेक किया। इस दौरान एक साइकिल सवार सामने आ गया। बस चालक ने साइकिल सवार को बचाने की कोशिश की तो सामने से आ रही दो बाइक और एक स्कूटी को बस ने अपनी चपेट में ले लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस तीनों को दूर तक घसीटते हुए ले गई और तीनों बस के नीचे आकर कुचल गए। चालक ने कुछ दूरी पर जाकर बस रोक ली और कूदकर फरार हो गया। राहगीरों और आसपास के लोगों ने बस के नीचे से एक बुजुर्ग और दो युवकों को किसी तरह बस के नीचे से खींचकर बाहर निकाला। साथ ही हादसे की सूचना सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस को दी। सूचना मिलते ही सीओ नरेंद्र पंत पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और तीनों को सिविल अस्पताल भिजवाया। जहां डॉक्टरों ने दो को मृत घोषित कर दिया। जबकि एक युवक को शहर के एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया।
हादसे से गुस्साए लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया और हाईवे पर जाम लगा दिया। पुलिस ने किसी तरह लोगों को समझाकर शांत कराया और करीब एक घंटे बाद हाईवे पर यातायात चालू कराया। सीओ नरेंद्र पंत ने बताया कि हादसे में पंकज कुमार (28) निवासी गांव मथाना, थाना खानपुर और टीकाराम कापड़ी (60) निवासी शिवाजी कॉलोनी ढंडेरा, रुड़की की मौत हो गई है। जबकि आकाश (30) निवासी मोहनपुरा, रुड़की घायल हो गया है। उन्होंने कहा कि तहरीर मिलने पर केस दर्ज किया जाएगा। बस चालक की तलाश की जा रही है।
परिजनों में मचा कोहराम
पंकज और टीकाराम की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। बड़ी संख्या में परिजन और रिश्तेदार सिविल अस्पताल पहुंचे। इस दौरान शव देखते ही परिजनों की चीख निकल गई। पंकज के रिश्तेदारों ने बताया कि वह दवाइयों का काम करता था और शादीशुदा था। पंकज के दो छोटे बच्चे भी हैं।
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बस में की तोड़फोड़ करने की कोशिश
हादसे के गाद लोगों में बस चालक के खिलाफ इतना गुस्सा था कि वह भड़क गए। भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने बस में तोड़फोड़ करने की कोशिश की, लेकिन मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने उन्हें समझाकर रोका और पुलिस की ओर से कार्रवाई करने का हवाला दिया गया, जिसके बाद लोग शांत हुए।