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Roorkee News: कमीशन के लिए दलालों ने की सौदेबाजी...और चली गई महिला की जान

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महिला के परिजनों ने सरकारी अस्पताल से निजी में ले जाने वाला दलाल को पकड़ा



एक महिला और एक अन्य की भी की जा रही है तलाश

सिविल अस्पताल रुड़की से मरीजों को निजी अस्पताल में भर्ती कराने वाले कई दलाल सक्रिय हैं। ये दलाल तीमारदारों और मरीजों को सिविल अस्पताल में अच्छा इलाज नहीं होने की भ्रामक जानकारी देकर निजी अस्पताल में इलाज कराने की सौदेबाजी करते हैं। एक ऐसा ही मामला शुक्रवार को आया। एक महिला और दो लोग प्रेमी युगल को सरकारी से एक निजी अस्पताल में ले गए। वहां पर इलाज में देरी से महिला की जान चली गई।

सिविल अस्पताल में दलालों का एक गैंग ऐसा है जो कमीशन की सौदेबाजी कर रहा है। यह गैंग सिविल अस्पताल से मरीजों को निजी में ले जाता है और उपचार करवाता है। कई बार इनकी सौदेबाजी के चक्कर में मरीज की जान चली जाती है। एक ऐसा ही मामला शुक्रवार को सामने आया। दरअसल, सहारनपुर का एक प्रेमी युगल जहर खाने के बाद दोपहर करीब 12 बजे सिविल अस्पताल पहुंचा था। अस्पताल में घुसते ही उन्हें एक महिला और दो अन्य लोग मिले।
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तीनों ने प्रेमी युगल को अस्पताल में इलाज के बारे में भ्रामक जानकारी देते हुए उन्हें झांसे में ले लिया और जेल के पास एक निजी अस्पताल में ले गए। इस बीच महिला की हालत अधिक बिगड़ गई और उपचार के दौरान मौत हो गई। शाम के समय परिजन महिला के शव को सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए ले गए। यहां अस्पताल के स्टाफ के एक कर्मचारी ने उन्हें बताया कि महिला एक युवक के साथ दोपहर के समय अस्पताल आई थी। दोनों एक महिला और दो लोगों से बातचीत कर रहे थे। इसके बाद तीनों अस्पताल से चले गए थे। इस बीच कर्मचारी की नजर प्रेमी युगल से बातचीत करने वाले एक व्यक्ति पर पड़ गई और बताया कि यह वही व्यक्ति है जो दोनों से बातचीत कर रहा था। इस पर परिजनों ने उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया है।



पूर्व में भी एक गर्भवती की हुई थी मौत

पिछले दिनों एक युवक अपनी गर्भवती पत्नी को लेकर एक निजी अस्पताल में लेकर पहुंचा था। यहां तबीयत अधिक खराब होने पर महिला को हायर सेंटर के रेफर कर दिया गया था। युवक को झांसे में लेकर एक एंबुलेंस चालक ईदगाह चौक से उसकी पत्नी को अस्पताल ले गया। प्रसव के कुछ देर बाद ही महिला की मौत हो गई थी। बाद में इस अस्पताल को सील कर दिया गया था।
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सही उपचार कराने के लिए लोगों को जागरूक होना भी जरूरी है। अगर वह निजी अस्पताल में उपचार कराने जा रहे हैं तो पहले डॉक्टरों की डिग्री की भी जानकारी कर लें। एक महिला व दो लोगों के सरकारी अस्पताल से जहर खाने वाले युवक और महिला को निजी अस्पताल में ले जाने की शिकायत पर गंभीरता से जांच कराई जाएगी।- डॉ. आरके सिंह, सीएमओ, हरिद्वार
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