उत्तराखंड-उत्तर प्रदेश के बीच सीमा विवाद का मामला हाईकोर्ट पहुंचने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिलाधिकारी ने तहसील प्रशासन को कार्रवाई के आदेश दिए थे। एसडीएम सौरभ असवाल ने भूमि की पैमाइश और विवाद के निस्तारण के लिए तहसीलदार के नेतृत्व में छह सदस्यीय टीम का गठन किया है।
लक्सर तहसील के रामपुर रायघटी गांव निवासी पूर्व ग्राम प्रधान ब्रह्मपाल सिंह ने कबूलपुर रायघटी, भिक्कमपुर और जीतपुर गांव के किसानों के साथ उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई थी। याचिका में उन्होंने अपनी गंगा क्षेत्र में उत्तराखंड और यूपी की सीमा पर स्थित जमीनों पर यूपी के नजीबाबाद वन प्रभाग के अधिकारियों को खेती नहीं करने देने और नदी की धारा बदलने से विवाद की स्थिति पैदा होने की बात कही गई थी।
मामले में हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन को छह सप्ताह में पिलर संख्या 232 से 236 तक संयुक्त सर्वे कराने, किसानों को खेती के दौरान सुरक्षा और पैमाइश कर प्रकरण के निस्तारण के आदेश दिए गए हैं। हाईकोर्ट के आदेश पर जिलाधिकारी ने तहसील प्रशासन को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
इस पर एसडीएम सौरभ असवाल ने तहसीलदार के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया है। टीम में तहसीलदार के साथ राजस्व निरीक्षक रमेशचंद, राजस्व उपनिरीक्षक तिलकमोहन, जुबैर, उम्मेद सिंह और रोबिन को शामिल किया गया है। टीम को भूमि की पैमाइश कर मामले का निस्तारण कराए जाने के लिए कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
उच्चाधिकारियों के आदेशानुसार तहसीलदार के नेतृत्व में कार्रवाई के लिए जांच टीम का गठन किया गया है। भूमि की पैमाइश कराई जाएगी। स्वयं भी निगरानी करेंगे। -सौरभ असवाल, एसडीएम, लक्सर