भगवानपुर ब्लॉक क्षेत्र के नए प्रधानों को साढ़े आठ माह बाद पंचायतों में काम करने के लिए बजट मिला, अब पंचायत विभाग के अधिकारियों की लापरवाही एवं मनमानी के चलते प्रधान विकास कार्य नहीं करवा पा रहे हैं। हालत यह है कि विभाग की ओर से न तो कार्ययोजना फीड कर ऑनलाइन की जा रही है और न अधिकारी पैसा निकालने दे रहे हैं।
जिले के सभी ब्लॉक क्षेत्रों की तर्ज पर भगवानपुर ब्लॉक के प्रधानों के खातों में भी 13वें एवं राज्य वित्त आयोग की पहली किस्त की धनराशि करीब एक माह पहले पहुंच गई थी। जनवरी में प्रधान चुने जाने के बाद उन्हें पहली बार काम करने का मौका मिलने से पंचायत जनप्रतिनिधियों की खुशी का ठिकाना नहीं था। लेकिन अब करीब एक माह से पंचायतों के खातों में पैसा होने के बावजूद अधिकतर ग्राम प्रधान विकास कार्य शुरू नहीं करवा पा रहे हैं। पंचायतों में होने वाले समस्त विकास कार्यों की पहले ऑनलाइन फीडिंग की जानी है।
उसके बाद ही ऑनलाइन प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान करने के बाद पंचायतों में पहली किस्त निकालकर विकास कार्य शुरू किए जा सकते हैं। लेकिन अप्रैल-मई के आसपास पंचायतों में बैठक कर बनाई गई कार्ययोजनाएं करीब पांच माह बाद भी कंप्यूटरों में ऑनलाइन फीड नहीं हो पाई है। भगवानपुर ब्लॉक के पंचायत विभाग की इस लापरवाही से पैसा होने के बावजूद प्रधान विकास कार्य नहीं करवा पा रहे हैं। अधिकारी बिना फीडिंग के पैसा नहीं निकालने दे रहे हैं। जिससे पंचायतों में पैसा होने के बावजूद विकास मार्च के बाद ठप हैं। इस संबंध में डीपीआरओ मोहम्मद जफरखान ने बताया कि अभी तक कार्ययोजना क्यों फीड नहीं हुई है। इस संबंध में पूछा जाएगा। लापरवाही की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
वैसे तो लगातार कार्ययोजना फीडिंग का कार्य किया जा रहा है। लेकिन कुछ तकनीकी कारणों एवं स्टाफ की कमी के चलते कार्ययोजना फीड कर ऑनलाइन करने में दिक्कत आ रही है। एक सप्ताह में समस्त पंचायतों की कार्ययोजना फीड कर दी जाएगी। उसके बाद पंचायतों में विकास कार्य शुरू करा दिए जाएंगे। -राकेश न्याल, बीडीओ, भगवानपुर