भाजपा ने इस बार ग्राम पंचायत की राजनीति के धुरंधर माने जाने वाले तीन नेताओं पर दांव खेला है। हालांकि इनमें से दो प्रत्याशी पिछला जिला पंचायत सदस्य का चुनाव हार चुके हैं। जबकि एक प्रत्याशी दो बार चुनाव जीत चुके हैं।
जिले की 11 सीटों में से भाजपा ने तीन विधानसभा क्षेत्रों पर पंचायत की राजनीति के माहिर माने जाने वाले खिलाड़ियों को टिकट दिया है। इनमें से झबरेड़ा से प्रत्याशी बनाए गए देशराज कर्णवाल पिछला जिला पंचायत सदस्य का चुनाव मानकपुर आदमपुर से निर्दलीय प्रत्याशी डीसीबी चेयरमैन सुशील चौधरी की पत्नी बबली चौधरी से हार चुके हैं। इसके अलावा वह वर्ष 2011 में जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में हार चुके हैं। जबकि इससे पहले वह जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीते। लेकिन, इस बार भाजपा ने उन पर विश्वास जताते हुए सुरक्षित झबरेड़ा सीट से प्रत्याशी बनाया।
इसके अलावा कलियर सीट से प्रत्याशी बनाए गए जय भगवान सैनी ग्राम प्रधान रहने के साथ सोहलपुर सिकरोढ़ा से वर्ष 2011 में जिला पंचायत का चुनाव जीते लेकिन, बीते चुनाव में जयभगवान सैनी पूर्व विधायक शहजाद के छोटे भाई सत्तार से हार गए। भाजपा ने उन पर विश्वास जताया और कलियर सीट से अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया।
बात करें दिवंगत कैबिनेट मंत्री सुरेंद्र राकेश के छोटे भाई सुबोध राकेश की तो वह वर्ष 2011 में सिरचंदी सीट से बसपा के टिकट पर जिला पंचायत सदस्य बने। उसके बाद वह त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में दरियापुर दयालपुर सीट से कांग्रेस के टिकट पर जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीते। इस विधानसभा में भाजपा ने उन पर भरोसा जताते हुए भगवानपुर सुरक्षित सीट से अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया। अब देखते हैं कि देशराज एवं जयभगवान सैनी पिछले जिला पंचायत के चुनाव में मिली हार के बाद विधानसभा चुनाव में कमल खिलाते हैं या नहीं। वहीं पंचायत चुनाव में सुबोध राकेश बसपा, कांग्रेस को जीत देने के बाद भाजपा की झोली में भी भगवानपुर सीट डालते हैं या नहीं।