वैसे तो इस समय भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी तलवारें खिंची हुई हैं। लेकिन, बुधवार को दोनों एक ही मंच पर नजर आए। हालांकि दोनों का चुनावी जनसभा का समय अलग-अलग था। पहले भाजपा की जनसभा हुई और फिर उसी मंच पर झंडे बैनर बदलकर कांग्रेस ने सभा की। शहर में पहली बार इस तरह की सियासी सरगर्मी देख शहरवासी भी हैरान हैं। दिनभर चौक, चौराहों और बाजार में इसकी चर्चा रही।
विधानसभा चुनाव में इस बार रुड़की की सीट खास है। एक तरफ कांग्रेस से बगावत कर भाजपा में शामिल हुए प्रदीप बत्रा हैं। दूसरी तरफ भाजपा से बगावत कर कांग्रेस से चुनाव लड़ रहे सुरेश चंद जैन हैं। बुधवार को दोनों प्रत्याशियों की ओर से बीटीगंज में आमने-सामने कार्यालय खोले गए। साथ ही बीटीगंज में एक ही मंच से दोनों ने जनसभाएं आयोजित की। सुबह करीब 11 बजे भाजपा की जनसभा हुई। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद रमेश पोखरियाल निशंक सहित तमाम भाजपा नेता पहुंचे। इसके बाद उसी मंच से शाम को कांग्रेस की जनसभा हुई। इससे पहले भाजपा के झंडे बैनर उतारकर कांग्रेस के लगा दिए गए। एक ही स्थान और मंच पर दोनों ही दलों की ओर से आयोजित जनसभाएं शहर में चर्चा की विषय बनी। लोगों ने भाजपा और कांग्रेस में हो रहे सियासी महासंग्राम की खूब चुटकी ली।
जब आमने-सामने हुए समर्थक
बीटीगंज में भाजपा और कांग्रेस की सभा के दौरान ही उस समय अजीबोगरीब स्थिति हो गई जब भाजपा प्रत्याशी प्रदीप बत्रा और सांसद निशंक के सामने अचानक सुरेशचंद जैन और उनके समर्थक आ गए। पहले तो दोनों ही ओर से हाथ जोड़े गए। इसके बाद समर्थकों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। असमंजस में दोनों दलों के नेता अपने-अपने कार्यालयों की ओर चले गए।