एग्जिट पोल में किसी भी पार्टी की सरकार पूर्ण बहुमत में आने की स्थिति स्पष्ट नहीं है। अलग-अलग अनुमान लगाए जा रहे हैं। ऐसे में संभव है कि भाजपा-कांग्रेस बहुमत के किनारे पर आ जाएं। ऐसी स्थिति में बसपा और निर्दलीय उम्मीदवार सरकार गठन के लिए अहम भूमिका में होंगे। हरिद्वार में चार सीटों पर भाजपा और कांग्रेस के अलावा अन्य दलों के प्रत्याशी मुकाबले में हैं। उनसे भाजपा और कांग्रेस के दिग्गज मुलाकात कर रहे हैं। इससे राजनीतिक सरगर्मी और चर्चाएं तेज होती जा रही हैं।
हरिद्वार से 11 विधायक चुने जाएंगे। इस बार जो रुझान चुनाव में देखने को मिला है। उसके अनुसार चार सीटों पर भाजपा और कांग्रेस के अलावा अन्य दल कड़े मुकाबले में हैं। लक्सर सीट पर बसपा प्रत्याशी शहजाद, खानपुर सीट पर बसपा प्रत्याशी रविंद्र पनियाला और निर्दलीय प्रत्याशी उमेश कुमार के साथ भाजपा प्रत्याशी रानी देवयानी के बीच कड़ा मुकाबला है। वहीं, झबरेड़ा में भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशी के अलावा बसपा प्रत्याशी कड़ी टक्कर दे रहे हैं। इसके अलावा भगवानपुर विधानसभा में भाजपा छोड़कर बसपा में शामिल हुए सुबोध राकेश कांग्रेस प्रत्याशी ममता राकेश को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। ज्वालापुर विधानसभा में भी बसपा प्रत्याशी कड़े मुकाबले में हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि जिले में तीन से चार सीटों पर भाजपा और कांग्रेस के अलावा बसपा व निर्दलीय प्रत्याशी जीत दर्ज करा सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि भाजपा और कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने विगत मंगलवार को इन सीटों पर संभावित विजयी प्रत्याशियों से अंदरखाने मुलाकात की है। इसे लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।