फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टीका लगवाएं जरूर, किसी गलतफहमी में न रहें हुजूर

विज्ञापन
विज्ञापन
कोरोना टीकाकरण अभियान के तहत कहीं किशोरों को टीका लगाया जा रहा है तो कहीं वयस्कों को बूस्टर डोज। अधिकांश स्थानों पर स्वास्थ्य विभाग ने 12 से 15 वर्ष तक के बच्चों का टीकाकरण पूरा कर लिया है। वहीं अब 15 से 17 वर्ष तक के किशोरों का टीकाकरण और वयस्कों को बूस्टर डोज लगाई जा रही है।
विज्ञापन

शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रुड़की की परियोजना प्रबंधक रंजना भटनागर ने बताया कि स्कूल खुल चुके हैं। ऐसे में अधिक से अधिक बच्चों को टीका लगाने का मौका है। इसे देखते हुए हर रोज स्कूलों में 30 कैंप लगाए जा रहे हैं। साथ ही बच्चों और उनके अभिभावकों को टीका लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। टीकाकरण को लेकर विशेषज्ञों का यही कहना है कि लोग समझ रहे हैं कि अब कोरोना खत्म होता जा रहा है लेकिन यह उनकी भूल है। कोरोना कभी भी पहले से ज्यादा भयावह रूप में सामने आ सकता है। ऐसे में टीकाकरण ही इस संक्रमण को बढ़ाने और फैलने से रोक सकता है।
विशेषज्ञों की राय-
भयावह हो सकता है कोरोना, न हो बेपरवाह
जो बच्चे छूट गए हैं। उनके लिए बड़े स्तर पर अभियान शुरू कर दिया गया है। इसके लिए हर रोज स्कूलों में 30 कैंप लगाए जा रहे हैं। खासतौर पर अभिभावकों को जागरूक किया जा रहा है। कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है बल्कि कभी भी भयावह हो सकता है। ऐसे में हर एक व्यक्ति को सभी डोज के साथ बूस्टर डोज का सुरक्षा कवच पहनना होगा।
विज्ञापन

-रंजना भटनागर, परियोजना प्रबंधक, शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
बूस्टर डोज जरूर लगवाएं
बूस्टर डोज 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को निशुल्क लग रही है। सरकार को सभी के निशुल्क करनी होगी तभी सभी लोग इसे लगवाएंगे। वहीं आर्थिक रूप से संपन्न लोगों को अपनी सेहत और सुरक्षा का ख्याल रखते हुए अपने पैसे से बूस्टर डोज लगवाने में परहेज नहीं करना चाहिए। पिछला अनुभव बताता है कि कोरोना कभी भी भयावह हो सकता है।
- डा. राम सुभग सैनी, अध्यक्ष इंडियन मेडिकल एसोसिएशन
लापरवाही से कर रहे अपना और देश का नुकसान
कोई भी व्यक्ति यह न माने कि कोरोना खत्म हो गया है। स्वास्थ्य विभाग भी यह जानता है कि कोरोना अभी जारी है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विभाग लगातार कोरोना के टीके और बूस्टर डोज लगा रहा है। लोगों को कैंप लगाकर जागरूक भी किया जा रहा है। जो लोग लापरवाही कर रहे हैं, वे देश का नुकसान कर रहे हैं।
-डा. विक्रांत सिरोह, प्रभारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, भगवानपुर
कोरोना से बचाव का टीकाकरण ही रास्ता
कोरोना को मात देने के लिए हम सभी को टीकाकरण कराना चाहिए। अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग खानपुर क्षेत्र के चार दर्जन से ज्यादा गांवों में कोरोना से बचाव के लिए बच्चों का टीकाकरण करने में जुटा है। लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि किसी भी हालत में कोरोना का टीका लगवाने से न चूके।
- डॉ. अनिल वर्मा, प्रभारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, भगवानपुर
200 से अधिक टीकाकरण कैंप लगवाए
रुड़की निवासी समाजसेवी संजय अरोड़ा ने कोरोना काल में टीकाकरण में अहम योगदान दिया। लोग टीका लगवाने के लिए इधर-उधर भटक रहे थे। तब उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की मदद से विशेष कैंप लगवाने शुरू किए और हर कैंप का सोशल मीडिया के जरिए प्रचार किया। उन्होंने रुड़की में 200 से अधिक टीकाकरण कैंप लगवाए। संजय अरोड़ा का कहना है कि टीकाकरण केंद्रों पर भीड़ और अव्यवस्थाओं के चलते लोग वहां जाने से परहेज करते हैं। ऐसे में हमें व्यवस्थाएं और ज्यादा दुरुस्त करनी होंगी।
पूर्व प्रधान ने 52 दिन तक लगाया शिविर
खानपुर के बालावाली गांव में 52 दिन तक शिविर लगाने वाले पूर्व प्रधान रवि पाल को हरिद्वार पुलिस ने कोरोना योद्धा का दर्जा देकर सम्मानित किया। कोरोनाकाल में जब देश में सब कुछ बंद हो चुका था। तब रवि पाल ने विभिन्न प्रदेशों से रेलवे लाइन के किनारे पैदल चलकर घर लौट रहे हजारों लोगों को बालावाली गांव में 52 दिन तक खाना-पानी उपलब्ध कराया। यही नहीं कोरोना का टीका नहीं लगा रहे लोगों की भ्रांतियां दूर कर टीकाकरण के लिए प्रेरित किया।
निवर्तन प्रधान और बुजुर्ग भी नहीं रहे पीछे
चंद्रपुरी की निवर्तमान ग्राम प्रधान राजमोहिनी ने 12 गांवों के लोगों से टीकाकरण की अपील की थी। वहीं खानपुर क्षेत्र में सबसे पहले कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण कराने वाले प्रह्लादपुर के बुजुर्ग ईलम चंद शर्मा ने आगे आकर लोगों को अपना उदाहरण पेश कर टीकाकरण के लिए प्रेरित किया था। वहीं प्रोफेसर डॉ. प्रीति गुप्ता ने कोरोना काल में लोगों को ऑनलाइन योग के गुर सिखाए थे। डॉ. गुप्ता कहती हैं कि टीकाकरण नहीं करवाना अपने स्वास्थ्य से खिलवाड़ है। कोरोना अब भी फैल रहा है। पता नहीं कब कौन उसकी चपेट में आ जाए। ऐसे में टीकाकरण में लापरवाही न बरतें।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें