रुड़की। शहर में हाईटेक तकनीकी से तीन साल की मेहनत के बाद डाली गई 120 करोड़ की लागत की सीवर लाइनें कनेक्शन की बाट जोह रही है। चार माह पहले कनेक्शन के लिए राज्य सरकार से 17 करोड़ की स्वीकृति मिलने के बाद भी अब नगर निगम की एनओसी के फेर में योजना लटक गई है। इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बाद भी हजारों उपभोक्ताओं को जर्जर हो चुकी पुरानी लाइनों से बहते सीवर की समस्या से दो चार होना पड़ रहा है। कई जगहों पर पुरानी सीवर लाइनें क्षतिग्रस्त होने के कारण इसका गंदा पानी पेयजल लाइनों में बह रहा है। इस कारण घरों में दूषित पानी आ रहा है।
गौरतलब है कि एडीबी ने करीब तीन साल पहले ढाई सौ करोड़ रुपये की योजना का शुभारंभ किया था। इसके तहत शहर के आधे हिस्से में 120 करोड़ की लागत से सीवर लाइनें बिछाई गई थी। जबकि 50 करोड़ की लागत से पेयजल लाइनें और 80 करोड़ की लागत का एसटीपी स्थापित किया गया था। आधुनिक तकनीकी का इस्तेमाल कर डाली गई सीवर लाइनों से गंदगी को खींचने और इसे शोधित करने के लिए सालियर स्थित नगर निगम की जमीन में एसटीपी लगाया गया है। कड़ी जद्दोजहद के बाद अप्रैल 2019 में सीवर लाइन और पेयजल लाइनों का काम पूरा कर लिया गया। इसके बाद उपभोक्ताओं को कनेक्शन दिए जाने थे, लेकिन एडीबी के पास बजट खत्म हो गया। इसके बाद राज्य सरकार ने स्टेट फंड से कनेक्शन के लिए 17 करोड़ की स्वीकृति दे दी। यही नहीं जून 2020 में शहरी विकास विभाग ने टेंडर जारी करने के बाद वर्क ऑडर भी जारी कर दिया, लेकिन चार महीने बीतने के बाद भी काम शुरू नहीं हो पाया। इसके चलते शहर में जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो रही पुरानी सीवर लाइनों से बहते सीवर के चलते लोगों को गंदगी का सामना करना पड़ रहा है। यही नहीं कई जगहों पर पुरानी सीवर लाइनों पेयजल लाइनों में लीकेज हो रही है। इसके चलते लोगों के घरों में गंदा और बदबूदार पानी आ रहा है। ऐसे में करोड़ों खर्च होने के बाद भी सीवर लाइन कनेक्शन का काम शुरू नहीं होने चलते हजारों उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया गया है कि कनेक्शन देने के लिए रोड कटिंग की जानी है और इसके लिए एडीबी को नगर निगम से एनओसी की जरूरत है। एडीबी के सहायक अभियंता संजीव कुुमार ने बताया कि नगर निगम से एनओसी के लिए पत्राचार किया गया है। एनओसी मिलते ही काम शुरू कराया जाएगा।
डेढ़ साल में काम न होने पर बजट हो जाएगा लैप्स
सीवर लाइन के कनेक्शन के लिए जारी टेंडर की शर्तों के तहत यह काम डेढ़ साल में पूरा होना है। टेंडर जारी हुए चार माह का समय बीत चुका है। शहर के आधे हिस्से में सीवर कनेक्शन देने का काम काफी बड़ा है। ऐसे में काम शुरू करने में और ज्यादा देरी होती है तो राज्य सरकार की ओर से धनराशि लैप्स किए जाने का खतरा भी पैदा हो जाएगा।
अभी तो निशुल्क कनेक्शन, फिर लगेंगे पंद्रह हजार
सीवर लाइन योजना के तहत एडीबी की जिम्मेदारी लाइन बिछाने तक थी। इसके बाद उपभोक्ताओं को अपने खर्च पर कनेक्शन लेना था, लेकिन उपभोक्ताओं के हितों को देखते हुए राज्य सरकार से कनेक्शन के लिए धनराशि जारी कराई गई है। एडीबी के सहायक अभियंता संजीव कुमार की माने तो यदि उपभोक्ता अपने खर्च पर कनेक्शन लेता है तो रोड कटिंग पाइप की कीमत, चैंबर का निर्माण और चैंबर के ढक्कन आदि की कीमत 12 से 15 हजार तक आएगी। उन्होंने बताया कि अब यह कनेक्शन उपभोक्ताओं को निशुल्क दिए जाएंगे।