राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ की ओर से सात सूत्री मांगों के लिए रुड़की राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल के चिकित्सकों एवं कर्मचारियों ने कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा के कार्यालय पहुंचकर आयुष विभाग के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में चिकित्सकों ने वर्षों से लंबित सेवा संबंधी समस्याओं, विभागीय विसंगतियों और पदोन्नति मामलों के जल्द समाधान की मांग उठाई है।
चिकित्सकों ने कहा कि वह लंबे समय से शासन और विभागीय स्तर पर अपनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास कर रहे हैं। कई दौर की वार्ता और आश्वासनों के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है। इससे चिकित्सकों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। ज्ञापन में कहा गया कि संघ हमेशा सकारात्मक संवाद और समाधान आधारित वार्ता का पक्षधर रहा है लेकिन उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होने के कारण संगठन को आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
चिकित्सकों ने प्रमुख मांगों में चिकित्सा अधिकारियों को समयबद्ध पदोन्नति एवं डीएसीपी का लाभ देने, विशेषज्ञ और प्रशासनिक पदों पर लंबित पदोन्नतियों का शीघ्र निस्तारण करने और आयुष चिकित्साधिकारियों को एलोपैथिक चिकित्सकों के समान सेवा लाभ देने आदि मांगें शामिल की हैं। संघ के चिकित्सकों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। ज्ञापन के दौरान डॉ़ प्रदीप कुमार, डॉ़ मनीष कुमार, डॉ़ अनीता कौशल, डॉ़ जयेंद्र प्रताप, डॉ़ सतीश कुमार, डॉ़ सुजाता, डॉ़ शयानी आदि समस्त स्टॉफ आदि मौजूद रहा।