शहर और आसपास के क्षेत्रों में अधिकांश एटीएम बुधवार को दगा दे गए। एटीएम में कैश नहीं होने और शटर डाउन होने से उपभोक्ता एक एटीएम से दूसरे एटीएम के चक्कर लगाते रहे। केवल एसबीआई मुख्य शाखा पर चल रहे एटीएम में उपभोक्ताओं की लंबी कतार लगी रही, हालांकि बैंक की शाखाओं से नकदी मिलने के कारण उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली। एसबीआई मुख्य शाखा के चीफ मैनेजर जयशंकर का कहना है कि डिमांड के अनुसार बुधवार को शहर के 30 एटीएम के लिए सात करोड़ रुपये दिए गए हैं।
नोटबंदी के तीन माह बाद भी शहर और आसपास के क्षेत्रों में नकदी का संकट खत्म नहीं हुआ है। एसबीआई रुड़की और लक्सर करेंसी चेस्ट के लिए आरबीआई की ओर से शनिवार को 50-50 करोड़ रुपये जारी किए गए थे। इसके बाद शहर और आसपास के 30 एटीएम के लिए 14 करोड़ रुपये जारी किए गए थे, लेकिन सोमवार और मंगलवार के बाद बुधवार को अधिकांश एटीएम खाली हो गए। इसमें कुछ के शटर डाउन कर दिए गए, जबकि कुछ में नकदी उपलब्ध नहीं रही। पीएनबी सहित अन्य बैंकों के अधिकांश एटीएम में भी नकदी का टोटा रहा। ऐसे में एकबार फिर उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। नकदी के लिए लोग इधर-उधर भटकते रहे, हालांकि बैंकों से नकदी मिलने के कारण उपभोक्ताओं को राहत मिली। एटीएम नहीं चलने से बैंकों की शाखाओं में उपभोक्ताओं की भीड़ रही। एसबीआई मुख्य शाखा के चीफ मैनेजर जयशंकर का कहना है कि डिमांड के अनुसार बुधवार को शहर के 30 एटीएम के लिए सात करोड़ रुपये दिए गए हैं। इससे उपभोक्ताओं को राहत मिल सकेगी। मालूम हो कि एटीएम से भी 24 हजार तक की निकासी संभव है, वहीं बैंकों में भी फिलहाल बचत खाते से सप्ताह में अधिकतम 24 हजार रुपये निकासी की सीमा निर्धारित है। बैंक अधिकारियों के अनुसार जल्द ही बचत खाते पर निर्धारित निकासी की सीमा खत्म की जा सकती है।