लक्सर। अंबेडकर मूर्ति लगाए जाने को लेकर हुए बवाल के बाद ग्रामीणों के घरों में बेरहमी से की गई तोड़फोड़ के अगले ही दिन सोमवार की शाम को शुरू हुए धरना प्रदर्शन ने मंगलवार को उग्र रूप धारण कर लिया। धरना स्थल पर भाजपा विधायक संजय गुप्ता के साथ बसपा सहित कई संगठनों के नेताओं ने भी धरना दिया। यही नहीं सहारनपुर, रुड़की, भगवानपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों में सैकड़ों की संख्या में लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। धरना स्थल पर मुख्यमंत्री को बुलाने की मांग करने लगे। मामले की सूचना पाकर पुलिस प्रशासन के भी हाथ-पांव फूलने लगे। शाम करीब पांच बजे एडीएम और एसपी देहात ने धरनास्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों की जल्द जमानत कराने, घरों में हुए नुकसान का आकलन कराकर शासन को मुआवजे के लिए रिपोर्ट भेजने का आश्वासन दिया। जिस पर धरना समाप्त हो गया।
लक्सर और खानपुर ब्लाक में पहले चरण के मतदान के एक दिन पूर्व लक्सर गांव में एक विवादित भूमि पर अंबेडकर मूर्ति स्थापित किए जाने को लेकर पुलिस और ग्रामीणों के बीच संघर्ष हो गया था। जिसमें 45 से अधिक ग्रामीणों के अलावा पुलिसकर्मी भी घायल हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने ग्रामीणों के घरों पर धावा बोलकर जमकर तोड़फोड़ की थी। इस कार्रवाई से खौफजदा ग्रामीण घरों से पलायन कर गए थे।
सोमवार की शाम को लक्सर विधायक संजय गुप्ता सहित कई लोगों ने घटनास्थल पर धरना शुरू कर दिया था। मंगलवार को धरने ने उग्र रूप धारण कर लिया। धरने के समर्थन में भाजपा के अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रभारी रोहित गौतम, बसपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश कुमार, बसपा नेता नाथीराम, भाजपा नेता देशराज कर्णवाल, महिपाल सिंह, कृष्णापाल मुखिया, बिजेंद्र सिंह, ओमप्रकाश प्रधान, सतवीर सिंह आदि ने घटना को दलित विरोधी करार देते हुए मुख्यमंत्री को बुलाने की मांग की।
देखते ही देखते धरना स्थल पर सहारनपुर, रुड़की, सालियर, भगवानपुर आदि से क्षेत्रों से सैकड़ों लोग पहुंचने लगे। मामला बढ़ता देख शाम करीब पांच बजे एडीएम जीवन सिंह नगन्याल, एसपी देहात प्रमेंद्र डोबाल धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ितों को मुआवजे की रिपोर्ट शासन को भेजने और जल्द ही जमानत प्रक्रिया पूर्ण कराए जाने का भरोसा दिया। इस आश्वासन पर धरना समाप्त हो गया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही वादे के अनुरूप कार्रवाई नहीं हुई तो फिर से धरना शुरू किया जाएगा।
बसपाइयों ने पहुंचने में लगाई देर
लक्सर। बवाल के बाद सोमवार को भाजपा विधायक संजय गुप्ता ने घटनास्थल पर धरना-प्रदर्शन शुरू किया। इस दौरान बसपा कोई बड़ा नेता वहां नहीं पहुंचा। अमर उजाला में पुलिस की बर्बरता की कहानी को प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद मामले में उबाल आया। बसपा नेताओं को भी शायद लगने लगा कि भाजपा इस पूरे मुद्दे को हाइजैक न कर लें। मंगलवार को यहां बसपा के कई बड़े नेता पहुंचे और अपनी पार्टी को दलितों की सबसदे बड़ी हितैषी बताया। बाद में धरनास्थल पर बसपा नेताओं की संख्या बढ़ गई। वहीं भाजपा विधायक ने कांग्रेस सरकार पर दलित विरोधी होने के आरोप लगाए।
धरनास्थल पर जलाया चूल्हा
लक्सर। पुलिस के डर से ग्रामीण गांवों से पलायन कर गए थे। मंगलवार को यह लोग घरों में तो लौटे, लेकिन घरों में चूल्हा जलाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। ऐसे में ग्रामीणों ने धरनास्थल पर ही चूल्हा जलाकर खाने पीने का इंतजाम किया।