अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन नहीं मिल पाने से कुत्तों के हमले में घायल लोगों को मायूस लौटना पड़ रहा है। सोमवार को भी अस्पताल में एआरवी नहीं पहुंची। ऐसे में लोगों को निजी अस्पताल में इंजेक्शन लगवाने पड़े।
केवल लक्सर ही नहीं जनपद के अधिकांश सरकारी अस्पतालों में एआरवी की किल्लत बनी हुई है। मुख्यालय से आपूर्ति नहीं हो पाने के कारण अस्पताल प्रशासन अपने स्तर से एआरवी की खरीद कर लोगों को राहत देने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन बाजार में भी एआरवी मिलने में समस्या आ रही है। लक्सर सीएचसी में पिछले सप्ताह एआरवी समाप्त हो गई थी।
अस्पताल प्रशासन की ओर से मुख्यालय को डिमांड भेजी गई है लेकिन सोमवार तक अस्पताल में वैक्सीन नहीं पहुंची। इसके कारण शनिवार और रविवार के बाद सोमवार को भी वैक्सीन लगवाने के लिए अस्पताल में पहुंचे कुत्तों के हमले से घायल हुए लोगों को मायूस लौटना पड़ा। सीएचसी के फार्मासिस्ट पंकज कुमार ने बताया कि अस्पताल में रोजाना डॉग बाइट के 10 से 15 तक मामले आते हैं। इस अनुपात में एआरवी उपलब्ध नहीं हो पाने से समस्या आती है। सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सैयद रफी अहमद ने बताया कि एआरवी के लिए मुख्यालय को डिमांड भेजी गई है। उपलब्ध होते ही लोगों को वैक्सीन लगाना शुरू हो जाएगा।