ग्राम पंचायत सदस्य बोर्ड बैठक में गांव के विकास संबंधित 10 से अधिक प्रस्ताव रखे गए। इस दौरान ग्राम प्रधान बोर्ड बैठक को बीच में ही छोड़ कर चली गईं। बैठक के दौरान उप प्रधान और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के बीच जमकर बहस भी हुई। बैठक में पीएम आवास योजना का मुद्दा छाया रहा।
नारसन ब्लॉक के ग्राम नगला इमरती में पिछले डेढ़ साल से ग्राम पंचायत सदस्यों की बैठक नहीं हो पाई थी। उप प्रधान गुलिस्तां एडवोकेट ने खंड विकास अधिकारी को शिकायतपत्र देकर बैठक बुलाने की मांग की थी। बीडीओ के निर्देश पर सोमवार को बैठक का आयोजन किया गया। इसी बीच ग्राम प्रधान तबीयत खराब होने का बहाना बनाकर बोर्ड बैठक बीच में ही छोड़कर चली गई।
उप प्रधान गुलिस्तां एडवोकेट, सदस्य वंदना और आशु ने पीएम आवास योजना के सर्वे का मुद्दा उठाया जिसका ग्राम विकास अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। उप प्रधान की ओर से पट्टों की भूमि पर हुए अवैध कब्जे हटाने, राशन कार्डों का सत्यापन कर अपात्रों के कार्ड निरस्त करने और पीएम आवास योजना के लाभार्थियों की सूची को पंचायत सदस्यों की बैठक अनुमोदन के लिए रखने, लाभार्थी चयन के लिए पांच सदस्य समिति गठित करने आदि प्रस्ताव रखे।
प्रधान की गैर मौजूदगी में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी की हठधर्मिता के चलते बोर्ड बैठक में रखे गए प्रस्तावों को गंभीरता से नहीं लिया गया। बैठक में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी शांतनु चौहान, ग्राम विकास अधिकारी आशुतोष सैनी, ग्राम प्रधान फरीन, वंदना देवी, गुलिस्तां, आशु, प्रद्युम, सलमान, रिजवान, शांति देवी, वरिसा और शिखा आदि सदस्य मौजूद रहे।
समितियों का गठन जल्द किया जाएगा। उप प्रधान के सोलर लाइट खरीद का प्रस्ताव उरेडा को भेजा जाएगा। - शांतनु चौहान, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, नगला इमरती
उप प्रधान ने वीडीओ पर लगाए आरोप
उप प्रधान गुलिस्ता एडवोकेट ने ग्राम पंचायत विकास अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारी पर मनमर्जी करने का आरोप लगाया हैं। उन्होंने बीडीओ को शिकायत कर बताया कि पंचायत सदस्यों की बैठक में पंचायत एक्ट का उल्लंघन किया गया है। पंचायत सदस्यों के प्रस्तावों को कार्यवाही रजिस्टर में दर्ज नहीं किए गए हैं। उन्होंने मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।