रुड़की। नगर निगम बोर्ड बैठक में हंगामे के बीच 52 करोड़ रुपये के सालाना बजट पर मुहर लगा दी गई। बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिए कुल 56.07 करोड़ रुपये आय का लक्ष्य तय किया गया था। इसके सापेक्ष करीब 52 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। करीब एक करोड़ रुपये की लागत से हॉटमिक्स एवं सीसी सड़कें बनाई जाएंगी। लगभग 75 लाख रुपये से नालियों का निर्माण व मरम्मत होगी। 25 लाख रुपये पार्कों को सुंदर बनाने के लिए खर्च होंगे।
सोमवार को नगर निगम सभागार में बोर्ड बैठक हुई। इसमें सबसे पहले एक फरवरी को कार्यकारिणी की बैठक में नाम परिवर्तन से जुड़े प्रस्तावों की पुष्टि की गई। एक प्रस्ताव पर आपत्ति को देखते हुए एमएनए को अधिकृत किया गया। करीब दो करोड़ रुपये के ओपनिंग बैलेंस के साथ आगामी वित्तीय वर्ष के लिए राज्य वित्त, 14वें वित्त, हाउस टैक्स, किराया, सीवर आदि मदों से कुल 56.07 करोड़ रुपये आय प्राप्ति का लक्ष्य रखा गया। इसके सापेक्ष निर्माण, पथ प्रकाश, सफाई आदि विकास कार्यों के लिए 52 करोड़ रुपये के बजट का प्रस्ताव सदन के सामने रखा गया।
सभी सदस्यों ने इस प्रस्ताव को एकमत से पारित किया। उसके बाद मेयर यशपाल राणा ने बोर्ड बैठक में उपस्थित लोगों को होली की शुभकामनाएं देते हुए बैठक समापन की घोषणा की। बैठक में मुख्य नगर अधिकारी गोपाल सिंह चौहान, सहायक नगर अधिकारी उत्तम सिंह नेगी, वरिष्ठ वित्त अधिकारी शशि सिंह, पार्षद श्रेष्ठा राणा, सुबोध सैनी, प्रद्युम्न पोसवाल, फजर्लुरहमान, पंकज सतीजा, चंद्रप्रकाश बाटा, आशा यादव, शबनम, अनीसा बेगम, बबली चौधरी व नामित पार्षद रमेश चंद्र जोशी, हाजी इकबाल आदि शामिल रहे।
150 सफाई कर्मियों की होगी नियुक्ति
नगर निगम में हाल ही में शामिल नए क्षेत्रों में साफ सफाई के लिए 150 सफाई कर्मचारियों की भर्ती की जाएगी। मोहल्ला स्वच्छता समितियों के तहत स्थानीय सफाई कर्मचारियों को इसमें प्राथमिकता मिलेगी। कर्मचारियों को चार हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा।
सेल्फ असेसमेंट का विरोध, छूट पर मुहर
बैठक के दौरान प्रद्युम्न पोसवाल समेत कुछ पार्षदों ने एक बार फिर हाउस टैक्स में सेल्फ असेसमेंट व्यवस्था का विरोध किया। उसके बाद कुछ पार्षदों के सहमति जताने पर अलग-अलग अवधि के भवनों पर टैक्स पर मुहर लगा दी गई। वार्षिक किराया मूल्यांकन के आधार पर 10 फीसदी छूट का प्रस्ताव भी पास किया गया।
पार्षद पति के बोलने पर हंगामा
बैठक के दौरान पार्षद आशा यादव के पति सुशील यादव ने सेल्फ असेसमेंट पर अपनी राय रखी। इस पर नामित पार्षद रमेश चंद्र जोशी ने आपत्ति जताते हुए कहा कि पार्षद पति को बैठक में बोलने का अधिकार नहीं हैं। हंगामा होने पर अन्य पार्षद पति सुशील यादव के बचाव में आए और जोशी के साथ नोक झोंक शुरू हो गई।
प्रद्युम्न ने गणित में उलझाया
पार्षद प्रद्युम्न पोसवाल ने बैठक के दौरान आय-व्यय के सवाल उठाए। एजेंडे का बारीकी से अध्ययन कर पहुंचे पोसवाल का कहना था कि बजट हर साल देर से पेश किया जा रहा है। ओपनिंग बैलेंस, ब्याज से आमदनी पर सवाल उठाते हुए तहबाजारी से आय घटने का कारण भी पूछा। इस पर एमएनए व एसएनए ने बताया कि वेंडिंग जोन नीति लागू न होने के कारण तहबाजारी शुल्क नहीं वसूला जा सका। विज्ञापन से कम आय के पीछे होर्डिंग नीति शासन में लंबे समय तक अटके रहने का हवाला दिया।
रोड कटिंग की क्यों नहीं होती मरम्मत
पार्षद चंद्रप्रकाश बाटा, प्रद्युम्न पोसवाल व नामित पार्षद रमेश जोशी ने सवाल उठाया कि रोड कटिंग से पैसा लेने के बावजूद उस मद से सड़कों की मरम्मत क्यों नहीं कराई जाती। इस पर एसएनए ने जवाब के लिए जेई प्रेम शर्मा को बुलाया। जेई ने बताया कि रोड कटिंग के पैसे से मरम्मत का प्रावधान नहीं है। कटिंग का पैसा निगम के खाते में जमा कराते हुए किसी और मद से भी मरम्मत करा दी जाती है।