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पैरोल के बाद फरार आरोपी गिरफ्तार

Thu, 19 Jan 2017 10:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो रुड़की
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पंजाब की नाभा जेल से दो साल पहले पैरोल पर छह सप्ताह के लिए रिहा होने के बाद फरार एक आरोपी को एसटीएफ और रुड़की पुलिस ने दबोच लिया है। आरोपी के पास से एक तमंचा भी बरामद किया गया है। मालूम हो कि नाभा जेल ब्रेक करके छह आतंकियों के फरार होने के बाद से ही आरोपी की सरगर्मी से तलाश की जा रही थी, हालांकि पुलिस ने जेल ब्रेक मामले में आरोपी की संलिप्तता से इंकार किया है।

मंगलौर में गदरजुड्डा निवासी प्रमोद उर्फ बिटटू ड्रग्स तस्करी के मामले में पंजाब की नाभा जेल में बंद था। वर्ष 2014 के नवंबर में कोर्ट ने आरोपी की छह सप्ताह के लिए पैरोल मंजूर की थी। फरवरी-2015 में इसे दोबारा कोर्ट में पेशी के लिए जाना था, लेकिन इससे पहले ही वह फरार हो गया। पुलिस के अनुसार पंजाब से फरार होने के बाद आरोपी प्रमोद रुड़की में पुरानी कचहरी के पास ही किराए के मकान में रह रहा था पर किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। नाभा जेल ब्रेक कांड के बाद से मंगलौर में आरोपियों की वर्दी बरामद होने के बाद पुलिस और एसटीएफ को संदेह था कि मामले में उसकी संलिप्तता हो सकती है। इसी कारण पुलिस और एसटीएफ सरगर्मी से उसकी तलाश कर रही थी।
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आरोपी की तलाश में एसटीएफ के प्रभारी निरीक्षक आरके चमोला और स्थानीय पुलिस कई दिनों से लगी हुई थी। सर्विलांस से मिली लोकेशन के आधार पर बुधवार की देर रात पुलिस टीम ने कचहरी के पास स्थित किराए के मकान से उसे गिरफ्तार कर लिया। एसपी देहात मणिकांत मिश्रा का कहना है कि पूछताछ के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि नाभा जेल ब्रेक मामले में आरोपी की संलिप्तता नहीं पाई गई है।
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सत्यापन अभियान पर सवाल
पुलिस की ओर से किराएदारों के सत्यापन के लिए कई बार अभियान चलाया गया, लेकिन एक बार फिर पुलिस के दावे हवाई साबित हुए हैं। कारण कि रुड़की में ही दो साल से आरोपी रह रहा था, लेकिन न तो मकान मालिक की ओर से उसका सत्यापन कराया गया और न ही पुलिस ने उसकी सुध ली। नाभा जेल ब्रेक के बाद मचे हड़कंप के कारण आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ सका।
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