क्लीनिक संचालक से उपचार के दौरान युवती की हालत बिगड़ गई। स्थिति अधिक खराब होने पर युवती को पहले रुड़की इसके बाद दिल्ली के अस्पताल ले जाया गया। परिजनों ने क्लीनिक संचालक पर पारिवारिक रंजिश के कारण युवती को मर्करी (पारे) के इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है।
कोतवाली क्षेत्र के खडंजा कुतुबपुर गांव निवासी राजेंद्र सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि नौ दिसंबर को उनके परिवार में विवाह समारोह के दौरान रिश्ता कराने वाले पवन कुमार के साथ परिजन और उनका विवाद हो गया था। उस समय मामला शांत हो गया था। 13 दिसंबर को पवन अपने परिवार के साथ उनके घर आया और अपमानित किए जाने पर नाराजगी जताते हुए परिवार से बदला लेने की बात कही थी।
राजेंद्र के अनुसार, 15 दिसंबर को उनकी 26 वर्षीय बेटी लक्सर आई थी। तबीयत खराब होने पर वह पवन के क्लीनिक पर गई। वहां पवन ने उपचार के दौरान उसके कूल्हे पर इंजेक्शन लगाया गया था। 10 जनवरी को दोबारा युवती की तबीयत खराब होने पर वह स्वयं उसे पवन के क्लीनिक पर लेकर आए जहां दोबारा उसने इंजेक्शन लगाकर उसे दवाएं दी लेकिन उनकी बेटी की तबीयत बिगड़ती रही और उसके कूल्हे में सूजन, दर्द, मवाद और खून आना शुरू हो गया।
21 फरवरी को अधिक तबीयत बिगड़ने पर वह अपनी बेटी को हायर सेंटर लेकर गए जहां चिकित्सक ने उन्हें युवती को किसी बड़े अस्पताल में ले जाने की सलाह दी। वह बेटी को सर गंगाराम अस्पताल दिल्ली लेकर गए। राजेंद्र सिंह ने बताया कि जांच के बाद चिकित्सक ने उन्हें बताया कि उनकी बेटी के दोनों कूल्हों पर मर्करी (पारा ) के इंजेक्शन लगाए गए हैं। समय रहते उपचार मिलने पर किसी प्रकार उसकी जान बच सकी। राजेंद्र सिंह ने आरोपी पवन कुमार पर रंजिश के कारण जानबूझकर उनकी बेटी को पारे का इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया। कोतवाली प्रभारी प्रवीण सिंह कोश्यारी ने बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
विषैली धातु है मर्करी (पारा)
लक्सर। मर्करी (पारा) एक विषैली धातु है। लक्सर सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सैयद रफी अहमद ने बताया कि पारे के संपर्क में आने से तंत्रिका तंत्र, पाचन तंत्र, रोग प्रतिरक्षा प्रणाली प्रभावित होती है। यह फेफड़े गुर्दा, त्वचा और आंखों के लिए नुकसानदेह हो सकता है। पूर्व में थर्मामीटर और रक्तचाप मापने के यंत्र में इसका इस्तेमाल होता था लेकिन काफी समय पहले इसका प्रयोग बंद हो चुका है। यह आसानी से उपलब्ध नहीं है।