रंजिश के कारण घर में घुसकर दो सगे भाइयों पर जानलेवा हमले के आरोपी को दूसरी बार भी न्यायालय से जमानत नहीं मिल सकी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार सिंह ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ने बताया कि वादी रज्जाक निवासी ग्राम जैनपुर खुर्द की ओर से लक्सर कोतवाली में दर्ज कराई गई प्राथमिकी में बताया गया था कि चार मार्च की शाम को मामूली कहासुनी को लेकर आरोपी सूफियान और इसरार, शादाब, अमजद, जहांगीर निवासीगण ग्राम जैनपुर खुर्द लोहे की राॅड, सरिया लेकर उनके घर में घुस आए और उनके पुत्र शहूद व इसरार पर जानलेवा हमला करते हुए उन्हें घायल कर दिया।
आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने आरोपी सूफियान को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी की ओर से न्यायालय में जमानत प्रार्थनापत्र दाखिल कर बताया कि वह निर्दोष है। वह चार मई से जेल में बंद है। यह उसका दूसरा जमानत प्रार्थनापत्र है। उसने जमानत दिए जाने की मांग की। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ने बताया कि आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर वादी मुकदमा के घर में घुसकर उसके पुत्रों पर जानलेवा हमला किया। उन्होंने अपराध को गंभीर बताते हुए जमानत दिए जाने का विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार सिंह ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है।