सिविल अस्पताल में मंगलवार को दवाओं खेप पहुंचने के बावजूद सिरप और दर्द निवारक जैल की कमी बनी हुई है। इसका सबसे अधिक असर बच्चों और बुजुर्ग मरीजों पर पड़ रहा है, जिन्हें चिकित्सकों की ओर से लिखी गई कुछ दवाएं अस्पताल से नहीं मिल पा रही हैं। मजबूरी में मरीजों और उनके परिजनों को ये दवाएं निजी मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ रही हैं जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
सिविल अस्पताल में बुखार, खांसी, संक्रमण और अन्य सामान्य बीमारियों के उपचार के लिए उपयोग होने वाले कुछ सिरप के साथ-साथ दर्द निवारक जैल का स्टॉक खत्म है। ओपीडी में आने वाले मरीजों को काउंटर पर यह दवा नहीं मिल रही है। शुक्रवार को अस्पताल पहुंचे कलियर निवासी महफूज ने बताया कि बच्चे को खांसी हो रही है। डॉक्टर ने खांसी के लिए सिरप लिखा है लेकिन जब पर्चा लेकर दवा खिड़की पर गया तो वहां सिरप नहीं मिला। वहां उनको बाहर से खरीदने को बोला गया।
वहीं अन्य मरीज ने कहा कि सरकारी अस्पताल में मुफ्त उपचार और दवा मिलने की उम्मीद लेकर आते हैं लेकिन आवश्यक दवाएं उपलब्ध नहीं होने से उन्हें निराश लौटना पड़ रहा है। सीएमएस एके मिश्रा ने बताया कि कई आवश्यक दवाओं की आपूर्ति हुई है लेकिन सिरप और जैल की खेप अभी नहीं पहुंची है। इन दवाओं की मांग उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है और जल्द ही आपूर्ति मिलने की उम्मीद है।