कलियर में लगे निशुल्क स्वास्थ्य शिविर में जांच कराते लोग (फोटो स्वयं पाठक)
हजरत ख्वाजा गरीब नवाज अजमेर शरीफ के 814वें सालाना उर्स में शामिल होने के लिए पिरान कलियर से शुक्रवार को छड़ी मुबारक का जत्था रवाना हुआ। हर साल की तरह इस बार भी दरगाह बाबा गरीब शाह, दरगाह साबिर पाक के रफाई चौक, लंगर खाना सहित कई स्थानों से अकीदतमंदों ने छड़ी मुबारक लेकर यात्रा की शुरुआत की।
150 जायरीन का यह जत्था 24 दिन की पैदल यात्रा तय करते हुए अजमेर शरीफ पहुंचेगा। रवाना होने से पहले खादिमों और अकीदतमंदों की मौजूदगी में छड़ी व झंडे को बुलंद दरवाजे पर फहराकर उर्स की रस्म अदा की जाएगी। छड़ी मुबारक का यह जत्था पिरान कलियर से दिल्ली स्थित हजरत ख्वाजा कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह पहुंचेगा। वहां देश के विभिन्न हिस्सों से आए सभी जत्थे एकत्र होकर संयुक्त रूप से अजमेर शरीफ के लिए रवाना होंगे।
अजमेर पहुंचने पर दरगाह ख्वाजा गरीब नवाज के गद्दीनशीन सय्यद खुशतर चिश्ती सभी जत्थों का इस्तकबाल करेंगे। इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार माह रजब की पहली तारीख को दरगाह के खादिमों की सरपरस्ती में हजारों अकीदतमंदों की मौजूदगी में मुख्य दरवाजे पर छड़ी मुबारक फहराकर उर्स की पहली रस्म अदा की जाएगी। इसी के साथ उर्स का औपचारिक आगाज हो जाएगा। रवानगी के मौके पर साहिबजादे शाह यावर अली एजाज साबरी, सरवर बाबा, फरीद, रमजान साबरी, तस्लीम साबरी सहित अनेक लोगों ने बड़ी अकीदत और मोहब्बत के साथ छड़ी मुबारक को रवाना किया।