ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
प्रदेश के किसानों को ट्यूबवेल के बिजली बिल पर सरचार्ज माफी का लाभ मिलेगा। रुड़की में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की घोषणा के करीब दो महीने बाद सरचार्ज माफी का शासनादेश ऊर्जा निगम के अधिकारियों के पास पहुंच गया है। ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने अब ट्यूूबवेल के बिलों पर सरचार्ज माफ करने की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं, घोषणा के वक्त स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं होने के कारण घर आदि के बिल का सरचार्ज भी माफ होने की आस लगाए बैठे किसानों को झटका लगा है। क्योंकि, शासनादेश में सिर्फ किसानों के ट्यूबवेल के बिल का सरचार्ज माफ करने का जिक्र है।
बीते वर्षों से प्रदेश के किसान लगातार बिजली के बिल माफ करने की मांग कर रहे थे। पिछले दिनों मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने रुड़की के नेहरू स्टेडियम में एक जनसभा को संबोधित करते हुए घोषणा की थी कि किसानों के बिजली बिल का सरचार्ज माफ किया जाएगा। हालांकि, घोषणा के दौरान यह स्पष्ट नहीं किया गया था कि सरचार्ज माफी का लाभ बिजली के किस बिल पर दिया जाएगा। इसके बाद से ही किसान घोषणा का शासनादेश जारी होने का इंतजार कर रहे थे। आठ मार्च को ऊर्जा निगम के मुख्यालय से भेजे गए शासनादेश के अनुसार, किसानों के केवल ट्यूबवेल के बिलों पर ही सरचार्ज माफी की जाएगी। वहीं, शासनादेश में किसानों के घरों आदि के बिजली बिलों में सरचार्ज माफी का कोई जिक्र नहीं किया गया है। ऊर्जा निगम के मुख्यालय के आदेश स्थानीय अधिकारियों के पास पहुंच गए हैं। इसके बाद स्थानीय अधिकारियों ने सरचार्ज माफी की तैयारियां शुरू कर दी है। बता दें कि रुड़की और आसपास के क्षेत्रों में किसानों के ट्यूबवेल का करीब तीस करोड़ रुपये का बिल बकाया है। एसई अमित कुमार ने बताया कि ट्यूबवेल के बिलों में सरचार्ज माफी का शासनादेश मिला है।