ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
चार दिन अवकाश के बाद वापस लौट रहे लोगों की भारी भीड़ के सामने रोडवेज के इंतजाम कम पड़ गए। भीड़ का आलम यह रहा है कि यात्रियों में सीट को लेकर मारामारी की स्थिति बन गई। रोडवेज बस अड्डे पर बसों के आते ही लोग दौड़ पड़ते, लेकिन बस के भर जाने पर यात्रियों को फिर इंतजार करना पड़ा। रोडवेज की ओर से दिल्ली और लोकल रूटों पर अतिरिक्त बसें चलाने के बावजूद समस्या कम नहीं हुई और यात्री बसों का इंतजार करते रहे।
दिवाली और भैय्यादूज की छुट्टी के बाद लोगों के वापस लौटने के कारण रविवार को रोडवेज बस अड्डे पर 10 बजे के बाद यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भीड़ ज्यादा होने पर रोडवेज प्रशासन को दिल्ली मार्ग पर अतिरिक्त बसें भेजनी पड़ीं। वहीं, देहरादून की सवारी ज्यादा होने पर इस रूट पर अतिरिक्त बसें लगाई गईं। दिल्ली मार्ग पर अन्य दिनों में 23 बसें जाती हैं, लेकिन रविवार को इनकी संख्या बढ़ाकर 30 बसें भेजी गई। इसके बावजूद लोगों को बसों का इंतजार करना पड़ा। इसके अलावा ऋषिकेश जाने वाली सवारियों की भी भीड़ रही। शाम पांच बजे बाद ही स्थिति सामान्य हो पाई। रोडवेज डिपो रुड़की के एजीएम रामलाल पैन्यूली का कहना है कि लगातार चार दिन की छुट्टी के बाद लोगों अपने घरों की ओर जाने के लिए निकले थे। लोगों की भीड़ एकदम आने के बाद दिल्ली और देहरादून मार्ग पर अतिरिक्त बसें भेजी गईं।
जाम ने छुड़ाए पुलिस के पसीने
लगातार चार दिन छुट्टी के बाद ड्यूटी के लिए निकले लोगों के कारण हाईवे पर कारों का जमावड़ा लग गया। जाम खुलवाने के लिए पुलिस और होमगार्ड के जवानों को पसीना बहाना पड़ा। दिनभर हाईवे पर वाहनों की भारी भीड़ के कारण यातायात रुक-रुककर चला।
रविवार सुबह दस बजे के बाद कारों की भीड़ एकदम बढ़ने हाईवे पर जाम की स्थिति हो गई। दिल्ली हाईवे पर मंगलौर, नारसन, एसडीएम चौक पर रुक-रुककर जाम लगता रहा। वाहनों को आगे बढ़ाने के लिए यातायात पुलिस की ओर से सुबह से ही जवानों को अलर्ट किया गया था, लेकिन कारों की संख्या एकाएक बढ़ जाने के बाद हाईवे पर वाहन रेंग-रेंगकर चलते रहे। वहीं, शहर में डुमडुम मोटर, मलकपुर चुंगी, रोडवेज बस अड्डे पर जाम लगता रहा। हाईवे पर जाम का कारण बन रहे ई रिक्शा को पुलिस ने रोडवेज बस अड्डे के सामने सड़क के किनारे से निकाला। शाम पांच बजे के बाद स्थिति सामान्य हो पाई तब जाकर पुलिस ने राहत की सांस ली।
चार दिन लगातार छुट्टी के बाद लोग अपने घरों और नौकरी पर जा रहे थे। जिससे हाईवे पर एकदम कारों की भीड़ आ गई थी। यातायात सुचारु करने के लिए सभी जवानों को तैनात किया गया था।
-बिपेंद्र सिंह, यातायात निरीक्षक रुड़की