रुड़की। ड्रॉप आउट बच्चों को लेकर डीएम सख्त नजर आ रहे हैं। इसके लिए एक कार्य योजना तैयार की जा रही है। जिसमें उपशिक्षा अधिकारी स्तर से वाट्सएप ग्रुप बनाये जाएंगे। जिसमें प्रत्येक दिन बच्चों की उपस्थिति और अनुपस्थिति का विवरण स्कूलों को देना होगा। यह उपस्थिति शिक्षा विभाग के अधिकारियों के माध्यम से प्रत्येक दिन जिलाधिकारी को भेजी जाएगी।
इन दिनों ड्रॉप आउट बच्चों को लेकर डीएम साहब सख्त है। ड्रॉप आउट बच्चों में वे बच्चे आते है, जो पंजीकरण के बाद स्कूलों में नहीं आते है या कुछ दिन आने के बाद स्कूल छोड़ देते है। इन बच्चों को लेकर एक योजना तैयार की जा रही है। जिसमें जिलेभर के प्रत्येक उपशिक्षा अधिकारी स्तर पर एक वाट्सएप ग्रुप बनाया जाएगा। इस ग्रुप में सभी स्कूलों के शिक्षकों को छात्रों की उपस्थिति और अनुपस्थिति की रिपोर्ट ग्रुप में देनी होगी। उपशिक्षा अधिकारी अपने-अपने ब्लॉक की रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक को देंगे। जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक के माध्यम से पूरे जिले की रिपोर्ट जिलाधिकारी दीपक रावत को सौंपी जाएगी। जिसके बाद डीएम छात्रों की उपस्थिति और अनुपस्थिति की समीक्षा करेंगे । वहीं स्कूलों के शिक्षकों की जवाबदेही होगी। जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक ब्रह्मपाल सिंह सैनी ने बताया कि इस व्यवस्था को लागू करने पर काम चल रहा है। जल्द ही यह व्यवस्था लागू की जाएगी।