ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
शासन से स्वीकृति में देरी होने पर जिले के 80 हजार से अधिक गन्ना किसान साफ्ट लोन की राह देख रहे हैं। गन्ना मंत्री ने किसानों की बैठक में 25 जनवरी तक साफ्ट लोन पास कराकर पिछले पेराई सत्र का बकाया भुगतान कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन जनवरी बीतने के बाद भी साफ्ट लोन को स्वीकृति नहीं मिल पाई है। वहीं, शुगर मिलें जल्द साफ्ट लोन स्वीकृत होने की उम्मीद जता रही हैं।
जिले की तीनों शुगर मिलों पर पिछले पेराई सत्र का दो सौ करोड़ से अधिक का भुगतान बकाया है। शुगर मिलों ने आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए गन्ने का बकाया भुगतान चुकाने को साफ्ट लोन के लिए आवेदन किया था। साफ्ट लोन स्वीकृत होने की संभावना और प्रबल हो गई थी, जब गन्ना मंत्री प्रकाश पंत ने देहरादून में किसानों, गन्ना विभाग के अधिकारियों और शुगर मिल के अधिकारियों की बैठक ली थी। इसमें गन्ना मंत्री प्रकाश पंत ने कहा था कि साफ्ट लोन पास कराकर 25 जनवरी तक भुगतान जारी करा दिया जाएगा। वहीं, शुगर मिलों को अपने स्तर से वर्तमान पेराई सत्र का 45 दिन का भुगतान करने के निर्देश दिए थे, लेकिन तय समय सीमा में भुगतान नहीं करने पर शुगर मिलों की आरसी जारी की जा चुकी है। इसके बाद शुगर मिलों की ओर से वर्तमान पेराई सत्र के भुगतान की स्थिति में सुधार आया है। हालांकि, पिछले वर्ष के भुगतान के लिए किसान साफ्ट लोन की राह देख रहे हैं। वहीं, शुगर मिल अधिकारी जल्द साफ्ट लोन स्वीकृत होने की उम्मीद जता रहे हैं। सहायक गन्ना आयुक्त शैलेंद्र सिंह का कहना है कि साफ्ट लोन में शासन स्तर से कार्रवाई होनी है। इस बारे में वह कुछ नहीं कह सकते।