रुड़की/मंगलौर। हवाला कारोबार में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार लंढौरा क्षेत्र के बुक्कनपुर निवासी अब्दुल समद को लेकर रविवार को एनआईए टीम उसके गांव पहुंची। घर की तलाशी के दौरान टीम ने एक डायरी व कई कागजात कब्जे में लिए। आरोपी के पिता और परिजनों से पहले घर में पूछताछ की। उसके बाद टीम सभी को लेकर लंढौरा चौकी पहुंची और फिर घंटो पूछताछ की। इसके बाद टीम आरोपी के मामा के घर देवबंद पहुंची और जानकारी जुटाकर लौट गई।
बुक्कनपुर निवासी अब्दुल समद को एनआईए टीम ने दो फरवरी को घर से ही हिरासत में लिया था। दिल्ली में पूछताछ के बाद अब्दुल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे तिहाड़ जेल भेज दिया था। इसी बीच टीम ने कोर्ट से अब्दुल को छह दिन की रिमांड पर लिया। रविवार को टीम भारी पुलिस बल के साथ उसे लेकर बुक्कनपुर गांव पहुंची। इनके पहुंचते ही गांव में अफरातफरी मच गई। सभी ग्रामीण अब्दुल के घर की ओर दौड़ पड़े। हालांकि इस दौरान एनआईए टीम ने कुछ भी बताने से इंकार किया। टीम ने अब्दुल के घर से चंडीगढ़ रोडवेज बस के टिकट समेत एक डायरी बरामद की। इसके बाद टीम अब्दुल व उसके परिजनों को लेकर लंढौरा चौकी पहुंची। यहां भी टीम ने करीब तीन घंटे तक सभी से पूछताछ की। जिसके बाद टीम अब्दुल समद को लेकर दिल्ली लौट गई।
गौरतलब है कि सऊदी अरब से हवाला के जरिए प्राप्त रकम को आतंकी फंडिंग के लिए जारी करने के आरोप में अब्दुल समद को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि रकम को अब्दुल ने जिन लोगों को दिया है उसका इस्तेमाल क्या वाकई में ही देश विरोधी गतिविधियों के लिए किया है।
मंगलौर में नहीं हुआ अब्दुल का मेडिकल
लंढौरा पुलिस चौकी में पूछताछ के बाद एनआईए टीम मंगलौर कोतवाली पहुंची और फिर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र। स्वास्थ्य केंद्र में टीम ने अब्दुल का मेडिकल कराने की बात की, लेकिन चिकित्सक नहीं होने से टीम रुड़की सिविल अस्पताल पहुंची। मेडिकल कराने के बाद टीम लौट गई।
डायरी में लिखी थी रकम देने की बात
-एनआईए टीम ने अब्दुल के घर पहुंचकर तलाशी ली। इस दौरान टीम को उसके घर से एक डायरी मिली। जिसमें उन लोगों के नाम और मोबाइल नंबर लिखे हुए थे, जिन्हें अब्दुल समद ने हवाला के जरिए रकम मुहैया कराई थी। इसके अलावा टीम ने चंडीगढ़ के टिकट भी बरामद किए। जिस बाबत अब्दुल समद के पिता राशिद से पूछताछ की गई। राशिद ने बताया कि जिन लोगों को रकम दी गई है। उसे डायरी में लिखा गया है।
बेटे को देखकर पिता की आंखें भर आई
-अब्दुल समद को लेकर जैसे ही एनआईए की टीम बुक्कनपुर गांव पहुंची तो परिजन और ग्रामीण अवाक रहे गए। बेटे को पुलिस से घिरा देखकर पिता राशिद की आंखें भर आई। इस दौरान राशिद का कहना था कि उसका बेटा आतंकी नहीं है। वह एक सीधा सादा मजदूर है। बेटे को तो हवाला क्या होता है इसका तक पता नहीं है। हां यह सच है कि मेरा बेटा विदेशों में रह रहे स्थानीय और आसपास गांव के लोगों के बच्चों से आ रही रकम को पांच माह से उनके परिजनों तक पहुंचा रहा था, लेकिन उसे नहीं पता था कि यह कोई गुनाह है। पिता ने टीम को उन सभी लोगों के नाम बताए जिन लोगों तक पैसा पहुंचाया गया। वहीं अब्दुल के पड़ोसियों को भी विश्वास नहीं है कि खेतों में काम करने वाला अब्दुल किसी आतंकी गतिविधियों में शामिल हो सकता है।