शहर से लेकर देहात तक कुत्तों के हमले की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। सिविल अस्पताल में एक ही दिन में कुत्ते के काटने के 70 नए मामले सामने आए। मंगलवार को कुल 155 लोगों को एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाए गए।
लावारिस कुत्तों के काटने की घटनाएं रोजाना सामने आ रही हैं। लावारिस कुत्ते आए दिन राहगीरों पर हमला कर रहे हैं। वहीं घरों के बाहर खेल रहे मासूमों को घायल कर रहे हैं। ऐसा ही मामला मंगलवार को सिविल अस्पताल में देखने को मिला। यहां एंटी रेबीज लगवाने आए सात साल के बच्चे को कुत्ते ने काट लिया था।
बच्चे के पिता मनोज सिंह ने बताया कि उनका बेटा घर के बाहर दुकान से खाने की चीज लेने जा रहा था। घर के बाहर बैठे लावारिस कुत्ते ने उसपर हमला कर हाथ में काट लिया। इन लावारिस कुत्तों पर रोकथाम नहीं की जा रही है। यह लावारिस कुत्ते आने जाने वाले किसी भी बच्चे या बड़े पर हमला कर रहे थे। इससे बच्चों और महिलाओं में भय बना हुआ है।
लोगों का आरोप है कि शहर के इलाकों में अब भी लावारिस कुत्तों की संख्या कम नहीं हो रही है। सुबह और शाम के समय कुत्तों के झुंड सड़कों पर दिखाई देते हैं जिससे राहगीरों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को डर के साए में निकलना पड़ रहा है। रुड़की निवासी अरविंद, शहजाद, ममता और संदीप ने नगर निगम से लावारिस कुत्तों की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।