शहर के विकास को पंख लगाने के लिए करीब 64 करोड़ रुपये का बजट पास किया गया है। इसमें करीब 12 करोड़ रुपये शहर की साफ-सफाई व्यवस्था पर ही खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा अन्य बजट से शहर की सड़कें चकाचक होने के साथ ही जल निकासी के लिए नाला-नालियों का निर्माण कराया जाएगा।
बृहस्पतिवार को नगर निगम के सभागार में मेयर यशपाल राणा की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें आने वाले वित्तीय वर्ष में शहर के विकास कार्य एवं अनुमानित आय-व्यय के प्रस्ताव रखे गए। नए वित्तीय वर्ष के लिए कुल आय 65 करोड़ 45 लाख 48 हजार 509 रुपये आंकी गई। जिसमें से 63 करोड़ 98 लाख 97 हजार 840 रुपये से शहर के विकास कार्यों एवं अन्य मदों में खर्च करने का प्रस्ताव रखा गया। बोर्ड बैठक में सदस्यों ने इसे पारित कर दिया। खर्च की जाने वाली राशि में सबसे अधिक साफ-सफाई पर वहन किया जाएगा। इसमें अकेले नगर की साफ-सफाई के लिए रखे जाने वाले कर्मचारियों पर 11 करोड़ 40 लाख 49 हजार 950 रुपये खर्च करने का प्रस्ताव पास किया गया। इसके अलावा साफ सफाई के लिए ही नाला सफाई की खातिर 30 लाख पचास हजार रुपये खर्च करने पर मुहर लगाई गई। सड़कों के निर्माण के लिए 80 लाख रुपये और अवस्थापना नीति के तहत शासन से सड़क एवं नाले निर्माण के लिए मिलने वाले अनुदान से पांच करोड़ की रकम से सड़कें एवं नाले बनाने को हरी झंडी दी गई। शहर में अमृत योजना से ड्रेनेज व्यवस्था बनाने के लिए पांच करोड़ रुपये एवं स्वच्छ भारत मिशन के लिए भी पचास लाख रुपये पास किए गए। बैठक में विधायक फुरकान अहमद, देशराज कर्णवाल, नगर आयुक्त अशोक कुमार पांडेय, सहायक नगर अधिकारी उत्तम सिंह नेगी, पार्षद रविंद्र खन्ना बेबी, प्रद्युमन पोसवाल, पंकज सतीजा, किरण भाटिया, दिनेश शर्मा, अभिषेक चंद्रा, श्रेष्ठा राणा, आशा यादव, नरेश रानी, शशी शर्मा, बबली चौधरी, राकेश गर्ग, चंद्रप्रकाश बाटा, सुबोध सैनी, फजलू रहमान, शबनम, प्रताप सिंह मौजूद रहे।
तीन पार्षद नहीं हुए शामिल
विधायक प्रदीप बत्रा दूसरी बार विधायक बनने के बाद पहली बार हुई नगर निगम की बोर्ड की बैठक में शामिल नहीं हो सके। इसके अलावा पार्षद मोहित बाड़ी एवं अनीसा बेगम और कुसुम लता शामिल नहीं हुईं। झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल एवं फुरकान अहमद बैठक में पूरे समय मौजूद रहे।
अमृतगंगा से मिलेगा पानी
अमृत योजना के तहत पाडली गुर्जर, रामपुर और सुनहरा के बाद अब गणेशपुर में भी पानी मिलेगा। जबकि गणेशपुर का नाम प्रस्तावित भी नहीं किया गया था। जब प्रस्तावित नामों में शफीपुर, सलेमपुर, खंजरपुर को वरीयता देने का प्रस्ताव रखा गया तो पार्षद प्रद्युमन पोसवाल ने इस पर आपत्ति जताई। कहा कि गणेशपुर को वरीयता में सबसे ऊपर रखा जाए। इस सदन ने सर्वसम्मत्ति से प्रस्ताव पारित कर दिया। वरीयता में गणेशपुर पहले, सलेमपुर दूसरे, खंजरपुर तीसरे एवं शफीपुर चौथे स्थान पर रखा गया।
पार्षद पति ने लिया बैठक में हिस्सा
केंद्र एवं प्रदेश सरकार की ओर से महिला जनप्रतिनिधियों के साथ परिजनों के नहीं बैठने पर एक्ट बनाने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं है। बृहस्पतिवार को नगर निगम सभागार में हुई बैठक में पार्षद बबली चौधरी के पति संजय चौधरी उर्फ गुड्डू चौधरी न केवल मौजूद रहे, बल्कि सभी मुद्दों पर बहस भी की। यही नहीं हाथ उठाकर प्रस्तावों का विरोध एवं समर्थन भी किया। एक बार मेयर यशपाल राणा एवं पार्षद रविंद्र खन्ना ने इसका विरोध भी किया, लेकिन अफसरों ने कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई।
शिवपुरम को निगम में शामिल करने की मांग
बैठक में पहुंचे झबरेड़ा के विधायक देशराज कर्णवाल ने रहीमपुर के शिवपुरम को नगर निगम में शामिल करने की मांग की। इस बारे में उन्होंने सदन में प्रस्ताव रखा। जिसे सदन ने बोर्ड बैठक के एजेंडे में शामिल करने के लिए सभी सदस्यों ने स्वीकृति प्रदान की।
जमीन से अवैध कब्जा हटाने की मांग
पार्षद रविंद्र खन्ना ने मलकपुर चुंगी पर सड़क किनारे कब्जाई जमीन को मुक्त करने का प्रस्ताव रखा। कहा कि एक व्यक्ति की ओर से जो जमीन कब्जाई गई है, उसकी कीमत करीब पचास करोड़ रुपये है। एक व्यक्ति ने उस पर साइकिल स्टैंड बना लिया है। पार्षद के प्रस्ताव पर सदस्यों ने एचआरडीए, प्रशासन, पुलिस के साथ मिलकर कब्जाई गई सरकारी जमीन को मुक्त करने का प्रस्ताव पास कर दिया। साथ ही जल्द जेसीबी से कार्रवाई करने पर सहमति जताई।
पाडली को निगम से बाहर करने की मांग
नगर विधायक प्रदीप बत्रा ने पाडली को नगर निगम से बाहर करने की मांग उठाई है। उन्होंने पाडली को निगम से बाहर करने के लिए सरकार एवं शहरी विकास विभाग को पत्र भेजा है। बताते चलें कि एक साल पहले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले निगम क्षेत्र का दायरा बढ़ाते हुए सात ग्राम पंचायत शामिल कर दी गई थीं। जिनमें पाडली गुर्जर ग्राम पंचायत को भी शामिल किया गया था, लेकिन अब बत्रा इसे बाहर करने के लिए पैरवी में जुट गए हैं।