मंगलौर। बाहरी गन्ने की आवक पर प्रतिबंध न लगने से गुस्साए धरनारत किसानों ने सोमवार से आमरण अनशन की चेतावनी दी। इस दौरान किसानों ने स्थानीय किसानों की पर्ची पर उत्तर प्रदेश से लाई जा रहीं गन्ने की कई ट्रॉलियों को रोक कर वापस भेजा। परेशान किसानों ने मिल प्रबंधन से जनवरी तक का भुगतान जल्द करने की मांग की।
मंडावली गांव के किसान बाहरी गन्ना रोकने के लिए 27 जनवरी से धरने पर हैं। तब से लगातार किसान प्रशासन से प्रभावी कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को मंडावली के तीन किसान नेता चंद्रपाल बालियान, नीटू चौधरी और संजय बेनीवाल भूख हड़ताल पर बैठ गए थे। इस पर एएसडीएम प्रेमलाल ने किसानों से बाहरी गन्ने को रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। पूर्व भाकियू जिला अध्यक्ष चंद्रपाल बालियान ने शनिवार को धरने पर कहा कि बाहरी गन्ने को रोकने के लिए प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की है। अब वह सोमवार से आमरण अनशन करेंगे। साथ ही उत्तम चीनी मिल प्रबंधन से जनवरी तक का भुगतान करने की भी मांग की। एसएसआई अजय कुमार ने धरनास्थल पर पहुंच कर किसानों से उनकी मांगों के बारे में जानकारी जुटाई। नीटू चौधरी, संजय बेनीवाल, चंद्रपाल बेनीवाल, जयकुमार, राजवीर, विन्नू, रितेश, जवादा, कर्म सिंह, मेहरु, गयूर, काला, वीरेंद्र आदि किसान धरना स्थल पर मौजूद रहे।