रुड़की। दिल्ली-हरिद्वार हाईवे पर सैलानियों का सैलाब उमड़ा तो हर तरफ जाम ही जाम नजर आया। यात्रा सीजन में प्रशासन के सारे इंतजाम एक बार फिर बेमानी साबित हुए। हरिद्वार में गंगा स्नान के लिए रविवार को पहुंचे श्रद्धालुओं से पूरा हाईवे वाहनों से पैक रहा। दिनभर रेंग-रेंग कर वाहन खिसकते रहे। पुलिस सड़कों पर तो उतरी, लेकिन बेबस नजर आई।
गौरतलब है कि देवभूमि उत्तराखंड में पहुंचने के लिए दिल्ली-हरिद्वार हाईवे आस्था का पथ बन गया है। इसी के चलते इस हाईवे को फोरलेन करने की योजना विगत पांच साल से चल रही है, लेकिन अभी तक काम पूरा नहीं हो पाया है। हालात ऐसे हैं कि रुड़की और मंगलौर को जाम से निजात दिलाने को बाईपास के निर्माण के लिए मुआवजे के विवाद को भी सुलझाया नहीं जा सका है। इसके चलते हाईवे पर आए दिन भारी जाम लग रहा है। गर्मी का सीजन शुरू होते ही दिक्कतें और बढ़ जाती हैं। दूसरी ओर पुलिस प्रशासन की ओर से हाईवे पर जाम की समस्या के समाधान को कई प्लान तैयार किए गए, लेकिन सभी कवायद हवाई साबित हुई। एसएसपी और डीएम की ओर से करीब दो माह पूर्व ट्रैफिक प्लान को लेकर बैठक हुई थी। जिसमें रोडवेज पर बसों के खड़े होने के लिए अलग से लेन बनाए जाने, हाईवे किनारे नालों को पक्के स्लैब से बंद करने, सड़कों का चौड़ीकरण करने व चौराहों को चौड़ा किए जाने आदि की योजना बनी थी, लेकिन आज तक प्लान धरातल पर नहीं उतरा। लिहाजा एक बार फिर सैलानियों को सीजन में जाम का सामना करना पड़ रहा है। रविवार को कुछ ऐसा ही नजारा नजर आया। मंगलौर से मलकपुर चुंगी तक करीब छह किलोमीटर की दूरी को पार करने में वाहनों को दो घंटे से अधिक का समय लगा। इसके कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं जाम को लेकर पुलिस बेबस नजर आई।