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48 घंटे बाद भी बिजली-पानी के लाले

Mon, 30 May 2016 11:11 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला रुड़की
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अाआंाा - फोटो : अमर उजाला
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रुड़की। शहर से देहात तक शनिवार और रविवार को आई आंधी ने ऊर्जा निगम की बत्ती गुल कर दी। अभी पहले दिन क्षतिग्रस्त हुई लाइनों को सुचारु भी नहीं कराया जा सका था कि दुबारा से आंधी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। जिसे बहाल करने में ऊर्जा निगम के पसीने छूट गए। शहरी क्षेत्र में सोमवार सुबह आपूर्ति बहाल कर दी। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों के कई हिस्सों में 48 घंटे बाद भी आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है। इससे क्षेत्रवासियों को पानी का संकट भी लाले पड़ गए।
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धनौरी क्षेत्र के कई फीडरों में सोमवार दोपहर बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई। लगातार 48 घंटे से ज्यादा बिजली कटौती से 15 गांवों के लोगों को न सिर्फ पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि मोबाइल रिचार्ज करना भी दूभर हो गया है। इसके अलावा शहर में ब्रह्मपुर के दो फीडर बंद रहने से खंजरपुर, बेलड़ा सहित कई गांवों को बिजली के साथ पेयजल समस्या से जूझना पड़ रहा है। ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता मनोज कुमार का कहना है कि अंधड़ से निगम को नुकसान हुआ है। क्षेत्र की बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है। निगम कर्मियों ने रात को अधिकतर हिस्सों में आपूर्ति बहाल कर दी है। जबकि धनौरी और ब्रह्मपुर से जुड़े कुछ फीडरों में आपूर्ति बहाल करने के लिए कार्य चल रहा है।
कस्बे में पेयजल संकट
लक्सर। शनिवार शाम चली आंधी से न सिर्फ कस्बे की बिजली गुल हुई बल्कि पेयजल आपूर्ति भी ठप हो गई है। मशक्कत के बाद ऊर्जा निगम कर्मियों ने रविवार देर शाम बिजली सुचारु कराई। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में सोमवार को अंधेरा पसरा रहा। खराब मौसम के चलते कस्बेवासियों को दो दिन से पानी नहीं मिल रहा है। ग्रामीण हैंडपंप से प्यास बुझाने को मजबूर हो रहे हैं।
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आकाशीय बिजली गिरने से उपकरण फुंके
नारसन/मंगलौर। आंधी व बारिश से गांव खेड़ाजट नारसन कलां, नारसन खुर्द बूड़पुर बरमपुर सकौती आदि गांवों की बिजली गुल हो गई। सुबह ग्रामीणों को पानी की दिक्कत का भी सामना करना पड़ा। इस संबंध में विभाग के जेई जम्मल सिंह का कहना है कि लाइनों पर पेड़ गिरने से आपूर्ति बाधित हुई है। क्षेत्र के सकौती गांव के कनक सिंह के मकान पर आकाशीय बिजली गिरी। इससे कमरे में रखा कंप्यूटर, तौलने वाला कांटा व पंखा फुंक गया। मंगलौर में भी आंधी और बारिश मुसीबत बनी है। जेई मुकेश कुमार का कहना है कि लाइनों पर पेड़ गिरने से क्षेत्र की आपूर्ति बंद रही।
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